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कोर्ट का फैसला, रिजर्वेशन के बेसिस पर मिलने वाला प्रमोशन अवैध

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, प्रमोशन में आरक्षण गलत है. इससे वास्तविक योग्यता वालों में कुंठा घर कर जाती है.

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आशीष मिश्रा
30 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 30 अप्रैल 2016, 02:12 PM IST)
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आरक्षण के बेसिस पर प्रमोशन को अवैध बताया है. शनिवार को चीफ जस्टिस ने ये फैसला सुनाते हुए कहा कि जब नियुक्तियां होती हैं. तब तो समाज के पिछड़े वर्ग को नियम के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन प्रमोशन में आरक्षण गलत है. इससे वास्तविक योग्यता वालों में कुंठा घर कर जाती है. अभी तक इस नियम से अनुसूचित जाति और जनजाति वालों को प्रमोशन में 36% रिजर्वेशन मिलता है. कोर्ट में बहुत सारी याचिकाएं लगी थीं, आज फैसला आया. इसके बाद 2002 के बाद रिजर्वेशन के बेसिस पर मिले सारे प्रमोशन कैंसिल कर दिए है हैं.

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