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मोबाइल खराब हो, तो वो काम करो, जो इस लड़के ने किया

नया मोबाइल पाने का भन्नाट तरीका.

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4 जुलाई 2017 (अपडेटेड: 4 जुलाई 2017, 08:46 AM IST)
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वेल्ला का ट्विटर हैंडल
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पाकिस्तान में एक बड़े पत्रकार हैं नज़म सेठी. वो वहां जियो न्यूज के शो 'आपस की बात' को होस्ट करते हैं. किसी गंभीर या संवेदनशील मुद्दे पर अंदरखाने की खबर देते समय जब नज़म से हवाला मांगा जाता है, तो वो कहते हैं, 'मेरी चिड़िया वहां गई थी, वही खबर लाई है.' अपने सूत्रों को नज़म चिड़िया का नाम देते हैं. एक चिड़िया हमारे पास भी है. वो नज़म की चिड़िया जितनी चमत्कारी भले न हो, पर काम खूब आती है.

ट्विटर की चिड़िया.

हैशटैग आर्मी खड़ी करने और पॉइंट-टू-पॉइंट बात कहने के अलावा ट्विटर एक और काम में आता है. प्रॉब्लम सॉल्व करने के काम. पार्सल अटक गया है, तो ऐमजॉन को ट्वीट कर दीजिए. काम हो जाएगा. ट्रेन में कोई समस्या है, तो सुरेश प्रभु को ट्वीट कर दीजिए. काम हो जाएगा. विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने तो कितनों के पासपोर्ट और वीजा क्लियर करा दिए. ट्वीट देखकर. इस बार यूपी पुलिस की डायल 100 सर्विस ने एक नज़ीर पेश की है.

    यूपी पुलिस की डायल 100 सर्विस का एक ट्विटर हैंडल है @up100. 3 जुलाई को इस हैंडल से तीन फोटो ट्वीट की गईं, जिनमें ढेर सारे पुलिसकर्मी बैठे थे और उनके सामने टेबल पर कंप्यूटर सिस्टम रखे हुए थे. ये मुरादाबाद में 'कौशल विकास प्रक्रिया प्रशिक्षण' की तस्वीरें थीं. इस ट्वीट पर 'वेल्ला' नाम के एक ट्विटर यूजर ने रिप्लाई करते हुए शिकायत की,  
    'वेल्ला' का ट्विटर हैंडल @Mutayyab420 है. हो सकता है उनका नाम मुतय्यब हो. अपनी शिकायत में उन्होंने यूपी पुलिस और मुरादाबाद पुलिस को भी टैग किया था. अपनी प्रोफाइल के मुताबिक वो खुद मुरादाबाद के रहने वाले हैं. पुलिस ने उन्हें निराश नहीं किया. जवाब दिया,   पुलिस का रिप्लाई देखकर अच्छा लगा, लेकिन इसका बाद 'वेल्ला' का रिप्लाई देखकर और अच्छा लगा. उन्होंने लिखा, 'सर मैंने ये ट्वीट उस दुकानदार को दिखाया और उसने मुझे दूसरा मोबाइल दे दिया. शुक्रिया सर जवाब देने के लिए.'    

ये एकदम कूचीकू वाली फीलिंग थी. हम पुलिस को खूब कोसते हैं कि वो अपना काम नहीं करती, लोगों से ढंग से बात नहीं करती. लेकिन ये तो मानना पड़ेगा कि लोगों में पुलिस का डर अब भी है. ये भय इतना संत-प्रवृत्ति का है कि बना रहना चाहिए. अगर लोग इसी तरह अपनी गलतियां मानने-सुधारने लगें, तो पुलिस को भी कम मशक्कत करनी पड़ेगी.

अरे पिंटू कराओ रे जरा ढाई सौ वाला नेट रीचार्ज...


 

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