The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • prime minister narendra modi speech in rajyasabha

'कीचड़ उनके पास था, मेरे पास गुलाल, जिसके पास जो था, उछाल दिया'- राज्यसभा में बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर कटाक्ष किए

Advertisement
pic
9 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 9 फ़रवरी 2023, 09:14 PM IST)
pm narendra modi rajya sabha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: संसद टीवी)
Quick AI Highlights
Click here to view more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 9 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दिया. पीएम मोदी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जो चर्चा चल रही है, उस चर्चा में शामिल होकर वो राष्ट्रपति जी का धन्यवाद करते हैं. पीएम मोदी जब भाषण दे रहे थे तब विपक्षी सांसदों ने मोदी-अडानी भाई-भाई के नारे लगाए. 

विपक्ष की नारेबाजी पर पीएम मोदी ने पलटवार किया. और विपक्ष पर जमकर कटाक्ष किए. आइए जानते हैं पीएम के भाषण की प्रमुख बातें- 

-पीएम मोदी ने कहा, कुछ लोगों का व्यवहार निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि कीचड़ उसके पास था, मेरे पास गुलाल. जिसके पास जो भी था, उसने दिया उछाल. मोदी ने कहा कि जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही खिलेगा. हमारी सफलता में आपके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता.

- पीएम ने कहा, कांग्रेस को देश बार बार नकार रहा, लेकिन कांग्रेस के साथी अपनी साजिशों से बाज नहीं आते हैं. जनता उन्हें देख भी रही है और हर मौके पर सजा भी दे रही है.

- पीएम ने कहा, आजादी से पहले अब तक हमारे सरकार में आने तक सिर्फ 3 करोड़ घरों तक नल से जल मिलता था. पिछले तीन चार साल में 11 करोड़ घरों को नलों से जल मिल रहा है. भारत पानी की समस्या, जो हर परिवार की समस्या होती है, जिसके बिना जीवन नहीं चल सकता. हमने उसे खत्म करने की दिशा में काम किया.

-पीएम मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे का जिक्र करते हुए कहा कि आपके राज्य में कर्नाटक में 1 करोड़ 70 लाख जनधन खाते खुले हैं. इतना ही नहीं उन्हीं के इलाके कलबुर्गी में 8 लाख से ज्यादा जनधन खाते खुले हैं.

-पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद से 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे. लोग सांसदों के पास जाते थे कि हमें कनेक्शन मिल जाए. तब डिमांड भी कम थी, फिर भी लोग गैस के लिए इंतजार करते थे. हमने तय किया कि हर घर में एलपीजी कनेक्शन हो. हमें पता था कि मेहनत करनी पड़ेगी. हमें मालूम था कि दुनियाभर से गैस लानी पड़ेगी, ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा. दबाव झेलना पड़ेगा, इसके बावजूद हमने लोगों तक गैस कनेक्शन पहुंचाए.

- पीएम ने कहा, हमने उन 18000 गांव में बिजली पहुंचाई, जहां आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पहुंची थी. देश की व्यवस्था पर नागरिकों का विश्वास बना. हमने इससे लोगों के विश्वास को जीता है. हमें मेहनत करनी पड़ी, लेकिन खुशी है कि इन दूर दराज के गांव को संतोष मिला, उनका आशीर्वाद हमें मिल रहा है.

- पीएम ने कहा, पहले कुछ घंटों तक ही बिजली आती थी. गांव में एक खंभा लगाया जाता था, उसकी एनिवर्सिरी बनाई जाती थी. आज हम बिजली देने में सफल हुए हैं. हमें नई बिजली लाइनें लगानी पड़ीं. इसके लिए हमें अनेक क्षेत्र खोजने पड़े, लेकिन हमने लोगों को उनके भाग्य पर नहीं छोड़ा. हमने राजनीति में फायदे और नुकसान की बात नहीं सोची. हमने मेहनत वाला रास्ता चुना. देश ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति के रास्ते पर चल रहा है.

- पीएम के मुताबिक हमने आजादी के अमृत काल में एक हिम्मत भरा कदम उठाया. ये आसान नहीं है. हमें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी. वो रास्ता हमने सेचुरेशन का चुना है. हर योजना के लाभार्थियों तक शत प्रतिशत लाभ कैसे पहुंचे, बिना रोक टोक के लाभ पहुंचे. अगर सच्चा पंथनिरपेक्षता है, तो यही है. सरकार इस राह पर ईमानदारी से चल पड़ी है. हमने सेचुरेशन का संकल्प लिया है.

- पीएम मोदी ने कहा, इससे तुष्टीकरण की राजनीति खत्म हो जाती है. फलाने पंथ को मिलेगा, फलाने जाति को, फलाने समाज को मिलेगा, सेचुरेशन इन सबको खत्म कर देता है. योजना का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना ही पंथनिरपेक्षता है. भेदभाव पक्षपात टिक ही नहीं सकता, इसलिए हमारा 100% सेवा अभियान, सामाजिक न्याय की सच्ची गारंटी है. यह सच्चा सेकुलरिज्म है. देश हमारे साथ है.

पीएम ने कहा, हमारे आने से पहले 14 लाख जमीन के पट्टे दिए गए थे, पिछले 7-8 सालों में हमने 7 लाख नए पट्टे दिए हैं, ये अभूतपूर्व काम हुआ है. अगर हमसे पहले ये काम किया गया होता, तो आज मुझे इतनी मेहनत न करनी पड़ती.

वीडियो: अमित शाह संसद में अधीर रंजन की क्या बात सुन भड़के, कहा- देश को गुमराह ना करें!

Advertisement

Advertisement

()