PM मोदी ने नए साल पर इन छह शहरों को क्या तोहफा दिया?
देश के इंजीनियर्स से पीएम मोदी ने क्या अपील की है.
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PM मोदी ने बताया कि एक साल में छह शहरों में एक-एक हज़ार मकान बनाए जाएंगे.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल के पहले दिन आवासीय योजना ‘लाइट हाउस प्रोजेक्ट’ का उद्घाटन किया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया. पीएम मोदी ने बताया कि लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत देश के छह शहरों में एक साल में एक-एक हजार मकान बनेंगे. उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि रोज़ाना ढाई से तीन मकान बनेंगे. पीएम ने देश के इंजीनियर्स से अपील की कि वे इन साइट्स पर जाएं और प्रोजेक्ट का अध्ययन करें. क्योंकि इसमें विदेशी तकनीक का सहारा लिया गया है.
लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत इंदौर, राजकोट, चेन्नई, रांची, अगरतला और लखनऊ में सस्ते घऱ बनाए जाएंगे. हर लोकेशन पर एक हज़ार घर बनाए जाएंगे. ये केंद्रीय शहरी मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत लोगों को स्थानीय जलवायु और इको सिस्टम का ध्यान रखते हुए घर प्रदान किए जाएंगे. ये घर भूकंप रोधी भी होंगे. पीएम मोदी ने बताया –PM Modi lays foundation stone of Light House Projects (LHPs) under Global Housing Technology Challenge-India . LHPs will be constructed at Indore,Rajkot, Chennai, Ranchi, Agartala & Lucknow,comprising about 1,000 houses at each location along with allied infrastructure facilities pic.twitter.com/wf6Q7WPLF9
— ANI (@ANI) January 1, 2021
“हमने घर बनाने के लिए ग्लोबल हाउसिंग चैलेंज इंडिया आयोजित किया और दुनियाभर की अग्रणी कंपनियों को भारत में बुलाया. दुनिया की 50 से ज़्यादा कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया. इस ग्लोबल चैलेंज से हमें नई तकनीक मिली. अब आज से अलग-अलग साइट्स पर छह लाइट हाउस प्रोजेक्ट का काम शुरू हो रहा है. इसमें कंस्ट्रक्शन का टाइम कम होगा.”हर शहर में अलग-अलग टेक्नॉलजी इस्तेमाल हो रही पीएम मोदी ने बताया कि इंदौर में जो घर बन रहे हैं, उनमें ईंट और गारे की दीवार नहीं होगी, बल्कि प्री फ्रैब्रिकेटेड सैंडविच सिस्टम इस्तेमाल होगा. राजकोट में टनल के ज़रिये कॉन्क्रीट कन्स्ट्रक्शन का इस्तेमाल होगा. ये फ्रांस की टेक्नॉलजी है. इससे घर आपदा को झेलने में सक्षम होगा. इसी तरह चेन्नई में भी अमेरिका की टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर घर तेजी से बनाए जाएंगे और लागत भी घटेगी. रांची में 3-डी टेक्नीक से घर बनाए जाएंगे, जिसमें हर कमरा अलग से बनेगा और फिर पूरे स्ट्रक्चर को जोड़ दिया जाएगा. लखनऊ में ऐसी टेक्नॉलजी इस्तेमाल की जा रही है, जिसमें प्लास्टर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

