ट्रंप ने वेनेजुएला मिशन से भी बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान भेजा, बोले- 'तेहरान डील चाहता है... '
बीते काफी समय से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. 30 जनवरी को प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि एक बहुत ही बड़ा और शक्तिशाली अमेरिकी नौसेनिक बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को चेतावनी दी है. बीते काफी समय से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. 30 जनवरी को ट्रंप ने कहा कि एक बहुत ही बड़ा और शक्तिशाली अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि ये बेड़ा वेनेजुएला के मिशन से कहीं अधिक बड़ा है.
उन्होंने कहा कि ईरान उनके साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन उन्होंने इस पर कोई और जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा,
ईरान हमारे साथ डील करना चाहता है. हम देखते हैं आगे क्या होता है.
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि ईरान की तरफ गया बेड़ा, वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से बड़ा है. यह बहुत तेजी से, बहुत ताकत, जोश और मकसद के साथ आगे बढ़ रहा था. उन्होंने चेतावनी दी कि यह बेड़ा हमले के लिए पूरी तरह तैयार है. अगर जरूरत पड़ी तो ये तेजी से अपना मिशन पूरा करने में सक्षम है.
डॉनल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान जल्दी से बातचीत की मेज पर आएगा और एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौता करेगा. कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे जो सभी पक्षों के लिए अच्छा हो. उन्होंने आगे कहा कि समय खत्म हो रहा है और स्थिति सच में बहुत नाजुक है. ट्रंप की टिप्पणियों पर जवाब देते हुए, ईरान ने कहा कि वह अमेरिका के साथ आपसी सम्मान और हितों के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान भी पूरी तरह झुकने को तैयार नहीं है. उसका कहना है कि अगर उसे मजबूर किया गया, तो वह अपना बचाव करेगा.
हालिया स्थिति को देखें तो एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के नेतृत्व वाला अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अरब सागर में पहुंच गया है. अमेरिकी सेना ने F18 फाइटर जेट्स का फ्लाइट ऑपरेशन किया है. अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन उड़ानों को रूटीन ऑपरेशन बताया है. इस बीच, पेंटागन ने स्वेज नहर के पास गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS डेल्बर्ट डी ब्लैक को भी स्टैंडबाय पर रखा है.
ईरान क्या बोला?तुर्की दौरे पर पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी बातचीत जिसमें धमकियां, दादागीरी, धौंस और एकतरफा नाजायज रियायतों की मांगें शामिल हों प्रभावी नहीं हो सकती और निश्चित रूप से ईरान ऐसे तरीकों को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान जिस तरह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में गंभीरता और दृढ़ता से काम करेगा, उसी तरह ईरानी राष्ट्र के हितों को सुरक्षित करने और क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कूटनीति का इस्तेमाल करने के लिए भी अडिग है.
वीडियो: दुनियादारी: सऊदी, UAE हुए अमेरिका के खिलाफ, क्या बच गया ईरान?

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