पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे और बेटी ट्विटर पर आमने सामने क्यों आ गए हैं?
मामला प्रणब के ऊपर आने वाली एक किताब से जुड़ा है.
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the presidential years किताब को लेकर शर्मिष्ठा और अभिजीत ने पब्लिशर के लिए अलग-अलग बातें कही हैं. फोटो- Twitter
प्रणब मुखर्जी. देश के पूर्व राष्ट्रपति. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता. एक ऐसा राजनेता, विरोधी भी जिसका सम्मान करते थे. अब इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन उनकी लिखी एक किताब प्रकाशित होने वाली है. किताब का नाम है 'the presidential years'. अभी बाजार में नहीं आई है, हालांकि इसे लेकर चर्चाएं बहुत हैं. अब इसी किताब को लेकर प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी और बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी भी आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं.
क्या कहा अभिजीत मुखर्जी ने?
कांग्रेस पार्टी से सांसद रह चुके अभिजीत मुखर्जी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उन्होंने किताब के प्रकाशन पर आपत्ति जताई, और इस पर रोक लगाने को कहा. उन्होंने पब्लिकेशन हाउस को टैग करते हुए कहा कि प्रकाशन से पहले वह इस किताब को पढ़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा, क्या कहा शर्मिष्ठा मुखर्जी ने?
प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भाई अभिजीत के ट्वीट्स का जवाब दिया. उन्होंने भी एक के बाद एक तीन ट्वीट किए और कहा कि किताब को प्रकाशित होने देना चाहिए. उन्होंने कहा, क्या कुछ लिखा है किताब में?
ऐसा माना जा रहा है कि जनवरी 2021 से ये किताब बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की योजना है. पब्लिकेशन की ओर से किताब के कुछ अंश मीडिया में जारी किए गए हैं. किताब में कांग्रेस से जुड़ी कई खास बातें कही गई हैं. किताब में प्रणब की ओर से लिखा गया है कि पार्टी के कुछ लोग ऐसा मानते थे कि अगर 2004 में वह (प्रणब) पीएम बनते तो 2014 में करारी हार वाली स्थिति नहीं आती, लेकिन मैं इस राय से इत्तेफाक नहीं रखता हूं. मैं ये जरूर मानता हूं कि मेरे राष्ट्रपति बनने के बाद पार्टी ने अपनी दिशा खो दी थी.
आपको बता दें कि प्रणब मुखर्जी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. वह इस बीमारी को मात देने में सफल रहे लेकिन अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 31 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था. वे देश के 13वें राष्ट्रपति थे.
क्या कहा अभिजीत मुखर्जी ने?
कांग्रेस पार्टी से सांसद रह चुके अभिजीत मुखर्जी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उन्होंने किताब के प्रकाशन पर आपत्ति जताई, और इस पर रोक लगाने को कहा. उन्होंने पब्लिकेशन हाउस को टैग करते हुए कहा कि प्रकाशन से पहले वह इस किताब को पढ़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा, क्या कहा शर्मिष्ठा मुखर्जी ने?
प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भाई अभिजीत के ट्वीट्स का जवाब दिया. उन्होंने भी एक के बाद एक तीन ट्वीट किए और कहा कि किताब को प्रकाशित होने देना चाहिए. उन्होंने कहा, क्या कुछ लिखा है किताब में?
ऐसा माना जा रहा है कि जनवरी 2021 से ये किताब बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की योजना है. पब्लिकेशन की ओर से किताब के कुछ अंश मीडिया में जारी किए गए हैं. किताब में कांग्रेस से जुड़ी कई खास बातें कही गई हैं. किताब में प्रणब की ओर से लिखा गया है कि पार्टी के कुछ लोग ऐसा मानते थे कि अगर 2004 में वह (प्रणब) पीएम बनते तो 2014 में करारी हार वाली स्थिति नहीं आती, लेकिन मैं इस राय से इत्तेफाक नहीं रखता हूं. मैं ये जरूर मानता हूं कि मेरे राष्ट्रपति बनने के बाद पार्टी ने अपनी दिशा खो दी थी.
आपको बता दें कि प्रणब मुखर्जी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. वह इस बीमारी को मात देने में सफल रहे लेकिन अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 31 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था. वे देश के 13वें राष्ट्रपति थे.

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