बेंगलुरु में न्यू ईयर पार्टी से लौट रही लड़की से छेड़खानी एक गली में हुई. इस वाकयेका जो CCTV फुटेज बना, उसने दो काम किए. पहला ये कि वो वहशियत टीवी के ज़रिए हमारेघरों में पहुंची और हम सबने उससे पैदा हुई दहशत को महसूस किया. दूसरा ये कि पुलिसको अपना काम करने में मदद मिली और बदमाश पकड़े गए.1 जनवरी को बेंगलुरु में एक और लड़की पर सेक्शुअल असॉल्ट हुआ था. CCTV फुटेजस्क्रीनग्रैब.इस फुटेज से एक तीसरा काम भी हुआ था. वो ये कि एक साहब ने फुटेज से 'प्रेरणा' लेकरमोलेस्टेशन की एक घटना बाकायदा प्लान कर के करवाई. किसी ड्रामे की तरह. मामला दरअसलप्यार का था. बेंगलुरु के ही एक सेल्स एग्ज़ीक्यूटिव इरशाद अपनी साली से इश्क करतेथे. तीन साल हो गए थे. अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ था कि इरशाद के इश्क पर कोई आंच आती.लेकिन जब लड़की की शादी की बातें चलने लगी, तो इरशाद को अपनी मोहब्बत खतरे में महसूसहोने लगी. कुछ ऐसा करना तय किया कि साली की शादी कुछ वक़्त के लिए रुक जाए. लेकिनसवाल था कि क्या किया जाए?4 जनवरी की सुबह सभी छेड़खानी की फुटेज देख कर सोच में पड़ गए थे, कि हमारा समाजहमारे लिए ही कितना असुरक्षित होता जा रहा है. लेकिन इरशाद को फुटेज से एकअजीब आइडिया आ गया. उन्होंने एक ऐसी जगह तलाशी जहां एक दुकान के बाहर CCTV कैमरालगा था. फिर उसी जगह पर ले जाकर लड़की को छिड़वा दिया. इस तरह, कि सारा वाकया CCTV पररिकॉर्ड हो जाए. और इस सब के बाद खुद साली साहिबा को लेकर थाने पहुंच गए रिपोर्टदर्ज करवाने. सोचा होगा कि इस वजह से लड़की की शादी की बात भी रुक जाएगी और वो उसकीनज़र में थोड़ा चढ़ भी जाएंगे. पर पुलिस ने एक सख्ती से पूछा तो इरशाद टूट गए. बतादिया कि मरता क्या ना करता, प्यार में मजबूर था. इरशाद को उनकी 'मुहब्बत' का सिलाये मिला कि उनपर कोतवाली में क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी (आपराधिक साजिश) का मामला दर्जहो गया. पुलिस इनपर फर्जी सबूत पेश करने का मामला भी दर्ज करने के बारे में सोच रहीहै.किस्सा बड़ा कॉम्पलिकेटेड है. पर मुहब्बत आसान कहां होती है?--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:बेंगलुरु की घटना का पूरा सच: कई दिनों से पीछे पड़े थे लड़केलड़की को सड़क चलते चूमकर भागना, ये आपको मजाक लगता है?'उस रात लड़के 10-11 के झुंड में लड़कियों की ओर बढ़ रहे थे''किसी के कपड़ों का मतलब हां नहीं होता'