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पादरियों ने 5 हजार बच्चों का यौन उत्पीड़न किया, पता है खुलासा कैसे हुआ?

2 साल के बच्चों से लेकर 14 साल के बच्चों का यौन उत्पीड़न हुआ.

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15 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 15 फ़रवरी 2023, 07:28 PM IST)
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पुर्तगाली आयोग मीटिंग की फोटो. (फोटो: रॉयटर्स)
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पुर्तागाल के कैथोलिक चर्च (Portugal Church) के पादरियों पर 4,815 बच्चों का यौन शोषण (Church Sexual Assault) करने का आरोप लगा है. इन आरोपों की रिपोर्ट एक स्वतंत्र आयोग ने तैयार की है. साल 2022 की शुरुआत में ही इस रिपोर्ट पर काम शुरू कर दिया गया था. आयोग ने सैकड़ों पीड़ितों के बयानों को सुनने के बाद ये रिपोर्ट तैयार की है. ये रिपोर्ट बाल मनोचिकित्सक पेड्रो स्ट्रेच्ट के नेतृत्व में तैयार की गई है.

जांच में क्या सामने आया?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 70 सालों में पुर्तगाल के ज्यादातर कैथोलिक पादरियों ने नाबालिग बच्चों का उत्पीड़न किया है. आयोग ने बताया कि जांच में कुछ ही घटनाओं के बारे में बताया गया गया है, मामले कहीं ज्यादा हैं.  बाल मनोचिकत्सक पेड्रो स्ट्रेच्ट ने रॉयटर्स से बातचीत के दौरान कहा,

'हम बचपन में यौन शोषण के शिकार हुए पीड़ितो के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं. उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी खामोशी तोड़ बोलने का फैसला किया.'

स्ट्रेच्ट ने बताया कि यौन उत्तीपड़न का शिकार हुए पीड़ितों में 57 फीसदी लड़के थे. इनका उत्पीड़न कैथोलिक स्कूलों में, चर्चों में, पादरियों के घरों में, कनफेशन रुम समेत और भी अलग अलग जगहों पर हुआ. इनमें से ज्यादातर पीड़ित बच्चों की उम्र दस से चौदाह साल के बीच थी. और सबसे कम उम्र के पीड़ित की उम्र सिर्फ दो साल थी. 

कैसे शुरू हुई जांच

दरअसल, साल 2021 के अक्टूबर महीने में फ्रांस में एक रिपोर्ट आई थी. उस रिपोर्ट में लगभग तीन हजार पादरियों द्वारा दो लाख से ज्यादा बच्चों के यौन उत्पीड़न की बात कही गई थी. इस रिपोर्ट के आने के बाद पुर्तगाली आयोग ने साल 2022 के जनवरी महीने में काम करना शुरू किया. इस रिपोर्ट को लेकर आयोग ने 500 से ज्यादा पीड़ितों से बात की. साथ ही चर्च के ऐतिहासिक दस्तावेजों की भी जांच की और कई बिशप समेत चर्चों के और भी सदस्यों से भी बात-चीत की.

आयोग के सामने कुल 25 गवाह पेश हुए थे. सरकारी वकीलों ने जब पूछताछ की, तो पता चला कई मामले 20 साल पहले के हैं. जिनपर सुनवाई तो की जा सकती है, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है. आयोग का कहना है कि नियमों को बदला जाना चाहिए, ताकि 30 साल पहले भी किए गए जुर्म के अपराधियों को भी सजा मिल सके.

वीडियो: म्याऊं: ये मैसेज किया तो यौन शोषण का केस लग सकता है!

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