स्टेट लेवल का वेट लिफ्टिंग चैंपियन बना लुटेरा
भार उठाने वाला अपने खर्चे नहीं उठा पा रहा था.
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फोटो - thelallantop
वेट लिफ्टिंग में स्टेट लेवल चैंपियन रह चुका ये खिलाड़ी लुटेरा बन बैठा. और ये सब हुआ गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने के लिए. जिसके साथ वो गोवा घूमना चाहता था.
हरियाणा का रहने वाले सुमित ने अपने दोस्त सुमित, नवीन और हनी के साथ मिलकर एक आदमी को लूटने का प्लान बनाया. जो दिल्ली के रोहिणी इलाके से स्कूटी से चार लाख रुपये लेकर निकलने वाला था. आदमी जैसे ही वहां से निकला, इन चारों ने उसपर पत्थरों से हमला कर दिया. उसके पैसे छीन लिए जो चारों में बराबर बंटने थे. ये चारों स्कूटी लेकर कट लिए. फिर स्कूटी को बुध विहार इलाके में छोड़ दिया.
अपने हिस्से में आए एक लाख रुपये सुमित ने अपनी गर्लफ्रेंड को दे दिए. जिससे दोनों गोवा जाने वाले थे. लेकिन उसके पहले ही पुलिस ने विजय को पीतमपुरा इलाके से गिरफ्तार कर लिया.
सुमित हरियाणा के गोहाना का रहने वाला है. खेलों में जबरदस्त परफॉरमेंस के आधार पर उसे महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला था. 2012 में स्टेट लेवल चैंपियनशिप में उसे गोल्ड मेडल मिला था. शानदार खिलाड़ी होने के बाद भी उसे न ही सक्सेस मिली, न ही अच्छी नौकरी. तो उसने टैक्सी चलाना शुरू कर दिया.
कुछ समय बाद दिल्ली के सुल्तानपुरी में शिफ्ट हुआ. फेसबुक पर एक लड़की से दोस्ती हुई, जो मोहब्बत में तब्दील हो गई. लेकिन रिलेशनशिप को खुशहाल रखने के लिए पैसों की जरूरत थी. जिसके लिए उसने ये क्राइम किया.
शर्म की बात है कि सरकार वेट लिफ्टरों को इतने भी पैसे नहीं देती कि वो खुद को पाल सकें. अच्छा खिलाड़ी होने के बावजूद नौकरियों के रियायत नहीं मिलतीं. ये बात सही है कि सुमित ने क्राइम किया है और सजा का हकदार है. पर हमें इसकी जड़ में जा कर ये समझना होगा कि जिन खेलों में ग्लैमर नहीं उनके खिलाड़ी टैक्सी चला कर अपना गुजारा क्यों कर रहे हैं.
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