69 हजार शिक्षक भर्ती: युवाओं पर लाठीचार्ज का वीडियो वायरल, राहुल और वरुण गांधी क्या बोले?
अखिलेश यादव और मायावती ने भी ट्वीट किया है.
Advertisement

बाएं से दाएं. Lucknow में प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करती पुलिस और 69 हजार शिक्षक भर्ती में कथित आरक्षण घोटाले का एक बैनर. (फोटो: ट्विटर)
Quick AI Highlights
Click here to view more
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ. यहां पर पुलिस ने आंदोलन कर रहे कैेंडिडेट्स पर लाठीचार्ज किया है. ये कैेंडिडेट्स 69 हजार शिक्षक भर्ती के मामले में कैंडल मार्च निकाल रहे थे. इनका आरोप है कि इस भर्ती में आरक्षण संबंधी घोटाला हुआ है. मसलन, ओबीसी वर्ग की आरक्षित सीटों पर सामान्य वर्ग के कैेंडिडेट्स को नियुक्ति दी गई है. दूसरी तरफ, पुलिस के लाठीचार्ज के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
विरोध प्रदर्शन कर रहे कैेंडिडेट्स पर पुलिसिया लाठीचार्ज के घटनाक्रम से प्रदेश का सियासी पारा भी चढ़ गया है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को आड़े हाथों लिया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,
"भाजपा के राज में भावी शिक्षकों पर लाठीचार्ज कर विश्वगुरु बनने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है. हम 69 हजार शिक्षक भर्ती की मांगों के साथ हैं. युवा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा."
इसी तरह कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "रोजगार मांगने वालों को यूपी सरकार ने लाठियां दीं. अब भाजपा वोट मांगने आए तो याद रखना."भाजपा के राज में भावी शिक्षकों पर लाठीचार्ज करके ‘विश्व गुरु’ बनने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
हम 69000 शिक्षक भर्ती की माँगों के साथ हैं। युवा कहे आज का ~ नहीं चाहिए भाजपा#भाजपा_ख़त्म pic.twitter.com/Ns1FpknRG7 — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 4, 2021
रोज़गार माँगने वालों को #UP सरकार ने लाठियाँ दीं- जब भाजपा वोट माँगने आए तो याद रखना! pic.twitter.com/ZZGg9thd7n — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 5, 2021उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा,
"यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती के पुराने व लंबित मामले को लेकर राजधानी लखनऊ में कल रात शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने वाले सैंकड़ों युवाओं का पुलिस लाठीचार्ज करके घायल करना बहुत दुखद और निंदनीय है. सरकार इनकी जायज मांगों पर तुरंत सहानुभूतिपूर्व विचार करे, बीएसपी की यही मांग."
बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने भी इस लाठीचार्ज पर अपनी प्रतिक्रिया दी. ट्वीट किया,यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती के पुराने व लम्बित मामले को लेकर राजधानी लखनऊ में कल रात शान्तिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने वाले सैकड़ों युवाओं का पुलिस लाठीचार्ज करके घायल करना अति-दुःखद व निन्दनीय। सरकार इनकी जायज़ माँगों पर तुरन्त सहानुभूतिपूर्वक विचार करे, बीएसपी की यह माँग।
— Mayawati (@Mayawati) December 5, 2021
"ये बच्चे भी मां भारती के लाल हैं. इनकी बात मानना तो दूर, कोई सुनने को तैयार नहीं है. इस पर भी इनके ऊपर ये बर्बर लाठीचार्ज. अपने दिल पर हाथ रखकर सोचिए क्या ये आपके बच्चे होते तो इनके साथ यही व्यवहार होता? आपके पास रिक्तियां भी हैं और योग्य अभ्यर्थी भी, तो भर्तियां क्यों नहीं?"
ये बच्चे भी मां भारती के लाल हैं, इनकी बात मानना तो दूर, कोई सुनने को तैयार नहीं है। इस पर भी इनके ऊपर ये बर्बर लाठीचार्ज। अपने दिल पर हाथ रखकर सोचिए क्या ये आपके बच्चे होते तो इनके साथ यही व्यवहार होता?? आपके पास रिक्तियां भी हैं और योग्य अभ्यर्थी भी, तो भर्तियां क्यों नहीं?? pic.twitter.com/6F67ZDJgzW — Varun Gandhi (@varungandhi80) December 5, 2021इंडिया टुडे से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी कैंडिडेट्स पर लाठीचार्ज उस वक्त हुआ, जब वे 1090 चौराहे से मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ने लगे. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पहले उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन इन्होंने विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इससे पहले इन अभ्यर्थियों ने चार दिसंबर की सुबह बीजेपी ऑफिस के बाहर भीख मांगकर विरोध प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में 22 से 23 हजार सीटों पर आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया है. उनका कहना है कि इस भर्ती में OBC वर्ग की कुल 18,598 सीटें थीं. लेकिन उन्हें केवल 2,637 सीटों पर ही भर्ती दी गई.

