'INDIA' नाम को लेकर विपक्षी दलों पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा? किसी ने केस कर दिया है
शिकायतकर्ता ने कहा है कि 'INDIA' नाम रखना एंबलम एक्ट का उल्लंघन है.
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मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होने का दावा करने वाले विपक्षी दलों ने मंगलवार, 18 जुलाई को गठबंधन का एलान कर दिया. इसे नाम दिया गया ‘INDIA’. पूरा नाम है- इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस. लेकिन इस नाम के एब्रिविएशन यानी छोटे नाम ‘INDIA’ को लेकर विपक्ष के खिलाफ केस हो गया है.
इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक गठबंधन के लिए बेंगलुरु में इकट्ठा हुई सभी 26 पार्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. इसमें कहा गया है कि INDIA नाम रखना एंबलम एक्ट का उल्लंघन है.
शिकायतकर्ता डॉ. अवनीश मिश्रा ने कहा है कि इन राजनीतिक दलों ने अपने गठबंधन का नाम 'INDIA' रखकर निश्चित रूप से उन सभी भारतीयों की भावनाओं को आहत किया है जो खुद को 'India' का नागरिक मानते हैं. दिल्ली के बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में डॉक्टर अवनीश मिश्रा ने लिखा,
'19 जुलाई को देश के लगभग हर अख़बार में छपा कि 26 राजनीतिक पार्टियों ने एक गठबंधन किया है और इसका नाम INDIA रखा है. इसका फुलफॉर्म इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस रखा. ऐसी ही जानकारी इन राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी मिली.'
शिकायत में आगे अवनीश ने ‘प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950’ का जिक्र करते हुए कहा,
'इस एक्ट के सेक्शन 3 के अंतर्गत कुछ नामों को यूज़ करने पर प्रतिबंध है. सेक्शन 5 के मुताबिक ऐसा करने वाले पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसे में उपरोक्त 26 पार्टियां ने इस नियम का उल्लंघन किया है और उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए.'
अवनीश ने अपनी शिकायत में आगे लिखा,
‘इन 26 पार्टियों ने चुनावी वजहों से ये गठबंधन बनाया है. ऐसे में ये नाम रखकर इन पार्टियों ने देश के नागरिकों पर गलत प्रभाव डालने की कोशिश की है. इन लोगों ने देश के जनता के सामने खुद को देश के बराबर बताया है. इसलिए इन पर IPC की धारा 171 F के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.’

प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम के सेक्शन-3 के मुताबिक केंद्र सरकार की अनुमति या निर्देश के बिना कुछ नाम या प्रतीकों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है. इन प्रतीकों या नामों को व्यापार या ट्रेड या किसी पेटेंट के लिए यूज़ नहीं किया जा सकता. इस एक्ट के मुताबिक कोई कंपनी या इंसान अपने निजी फायदे के लिए ऐसे नामों या प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं कर सकता. इन्हें रजिस्टर करवाने पर भी प्रतिबंध है. जाहिर है, इसमें भारतीय तिरंगे जैसा प्रतीक और यूनियन ऑफ इंडिया या इंडिया जैसे नाम शामिल हैं.
एक्ट में नाम के रूप में भारत या INDIA के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर कुछ नहीं कहा गया है. ये देखना होगा कि अवनीश मिश्रा की शिकायत पर अदालत और कानूनी जानकार क्या कहतें हैं. फिलहाल तो उनकी शिकायत के साथ ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता गिरीश भारद्वाज ने चुनाव आयोग से इसी मामले में शिकायत की है.
हालांकि, ट्विटर पर इसे लेकर बवाल शुरू हो गया है. कुछ यूज़र्स का कहना है कि अगर इस शब्द का यूज़ पर प्रतिबंध होता, तो 'भारतीय जनता पार्टी' और 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' जैसे नाम कैसे रेजिस्टर हुए. ऐसे ही, कई प्राइवेट शिक्षा संस्थान के नाम में भी 'इंडिया' या 'इंडियन' या 'भारत' शब्द का प्रयोग किया गया है. कुछ समाचार संस्थानों के नाम में ही ‘भारत’ और 'INDIA' लिखा है.
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