इधर सुबह की धूप अच्छी लगने वाली सर्दी शुरू हुई है. लेकिन मीडिया और सोशल मीडियागर्माया हुआ है. दशहरा-दीवाली सिर पे आ गए हैं. त्योहारों से पहले प्रिकॉशन देनेवाले भी उग आए हैं फेसबुक-व्हाट्सऐप पर. इस बार चाइनीज सामान न इस्तेमाल करने कीसलाह दी जा रही है. और इस बहाने चीन की इकॉनमी की बधिया बैठाने की बात की जा रहीहै. और ये फोटो भी चल रही है व्हाट्सऐप- फेसबुक पर. अब PMO का ट्वीट देख लो. वहांसे पहले क्लियर कट कर दिया गया कि ये ऑथेंटिक नहीं है. लेकिन लोग हैं कि मान नहींरहे और अभी भी ये फैलाए पड़े हैं. अब एक और बात सुनो. ये जो कह रहे हैं कि चाइनीजझालर न इस्तेमाल करने से चीन की खटिया खड़ी हो जाएगी. इकॉनमी बैठ जाएगी. उनको बताओकि चीन भारत को जो प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करता है, उसका परसेंटेज 2.2 है. इसके अलावावो पूरी दुनिया को सामान भेजता है. और भारत में सबसे ज्यादा चीन से सामान इंपोर्टहोता है. जित्ता भी इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने आस-पास देख रहे हो उसके अंदर दो-चारपार्ट चीन का जरूर निकलेगा. तो उनकी इकॉनमी का पता नहीं. लेकिन यहां का काम चलनामुश्किल हो जाएगा. इसलिए भैया जोश में होश का बंडल बनाकर तालाब में न फेंकने सेकोई फायदा नहीं. चीन को सबक सिखाने के और रास्ते तलाशने चाहिए.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: दुनिया खत्म हो, उससे पहले इन भारतीयों को नोबेल प्राइज जरूर मिले