The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • PM Narendra Modi Reaction CJI DY Chandrachud Home on Ganpati Pooja

CJI चंद्रचूड़ के घर जाने पर PM मोदी ने तोड़ी चुप्पी, विपक्ष को अंंग्रेजों से जोड़कर सुनाया

PM Modi ने ओडिशा में एक सभा में कहा कि 'फूट डालो और राज करो’ की नीति पर काम करने वाले अंग्रेज भी गणेश उत्सव से चिढ़ते थे.

Advertisement
pic
17 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 04:23 PM IST)
PM Modi at CJI House
PM मोदी ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. (फाइल फोटो: PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) के घर गणपति पूजा में शामिल होने पर विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी. अब PM मोदी ने पहली बार इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के लोग इस बात से भड़के हुए हैं. उन्होंने इस मामले को अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ वाली नीति से भी जोड़ा. और कहा कि इस नीति पर काम करने वाले अंग्रेज गणेश उत्सव से चिढ़ते थे.

प्रधानमंत्री मोदी ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा,

“आज भी, भारतीय समाज को बांटने और तोड़ने की कोशिश करने वाले लोग गणेश उत्सव से चिढ़ते हैं. सत्ता के भूखे लोगों को गणेश पूजा से परेशानी है. कांग्रेस और उसके इको-सिस्टम के लोग इसलिए भड़के हुए हैं क्योंकि मैं गणपति पूजन में शामिल हुआ. कर्नाटक में, जहां वो सत्ता में हैं, उन्होंने इससे भी बड़ा पाप किया. उन्होंने भगवान गणेश की मूर्ति को सलाखों के पीछे डाल दिया. उन तस्वीरों की वजह से पूरा देश परेशान है. हम इन घृणित तत्वों को आगे नहीं बढ़ने दे सकते. हमें अभी बहुत कुछ हासिल करना है.”

11 सितंबर को PM मोदी और CJI की साथ वाली तस्वीर सामने आई थी. इसके बाद शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत, प्रियंका चतुर्वेदी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस पर सवाल उठाया था.

प्रशांत भूषण ने इसे एक गलत उदाहरण बताया था. एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, 

“यह चौंकाने वाला है कि सीजेआई चंद्रचूड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निजी मुलाकात के लिए अपने आवास पर आने की अनुमति दी. इससे न्यायपालिका को एक बहुत बुरा संकेत गया है. कार्यपालिका से नागरिकों के मौलिक अधिकार की रक्षा करने और संविधान के दायरे में सरकार काम करे, ये सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी न्यायपालिका को सौंपी गई है. और इसलिए कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच दूरी बनाए रखनी जरूरी है.”

ये भी पढ़ें- कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने गणेश उत्सव पर बैन लगाया? ये पढ़कर फोटो शेयर करने वाले मुंह छिपाएंगे

भगवान गणेश की मूर्ति की गिरफ्तारी का सच

पिछले दिनों कर्नाटक के नागमंगला में गणेश विसर्जन कै दौरान हिंसा की खबरें आई थीं. इसके बाद बेंगलुरु टाउन हॉल में गणेश मूर्ति के साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था. इसी दौरान आरोप लगाया गया कि गणेश मूर्ति को भी हिरासत में ले लिया गया. सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल हो गई.

हालांकि, बाद में पुलिस ने इस खबर का खंडन किया. कहा गया कि मूर्ति को एहतियात के तौर पर पुलिस वैन में रखा गया था. DCP सेंट्रल डिवीजन बेंगलुरु ने X पर एक पोस्ट किया. और बताया कि प्रशासन ने पूरे विधि-विधान के साथ गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया था.

वीडियो: PM मोदी के CJI चंद्रचूड़ के घर जाने पर वकीलों की ये बात सुन लीजिए

Advertisement

Advertisement

()