ट्रंप ने PM मोदी से मिलकर भारत के लिए जो कह दिया, चीन-पाकिस्तान को 'अच्छा' नहीं लगेगा
G7 Summit के दौरान France में PM Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की एक खास मुलाकात हुई है. मीटिंग के दौरान ट्रंप ने मोदी कार्यकाल के दौरान भारत पर हमला होने पर अमेरिकी मदद की बात कही है.

फ्रांस में चल रहे G-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की स्पेशल मुलाकात हुई. इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर काफी ‘अच्छी-अच्छी’ बातें कहीं. उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत पर हमला होता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा. पिछले साल मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अब फ्रांस में मोदी-ट्रंप की यह पहली मुलाकात है.
ट्रंप का यह बयान बुधवार, 17 जून को फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स से आया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात और बातचीत को ‘बहुत अच्छा’ बताया. साथ ही अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग का भी संकेत दिया. इसके अलावा दोनों देशों के करीबी रिश्तों पर भी जोर दिया. अपने बयान में ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा,
अगर प्रधानमंत्री मोदी नेता हैं और भारत पर हमला होता है तो हम उनकी मदद के लिए वहां मौजूद रहेंगे.
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच यह मुलाकात कई मायनों में बहुत अहम है. भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद, भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष को रोकने में ट्रंप की मध्यस्थता के दावों, भारतीयों के लिए अमेरिका के कड़े इमिग्रेशन नियमों और हाल के दिनों में ओमान के पास कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी हमले से तीन भारतीयों की मौत के कारण दोनों ही देशों के संबंधों में खटास आई है.
खराब रिश्ते सुधारने की कोशिशअब दोनों ही देश इन मुलाकातों की मदद से अपने खराब रिश्ते को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने भारत और अमेरिका के रिश्ते को बहुत अच्छा बताया. उन्होंने आगे कहा कि वो इससे और ज्यादा करीब नहीं हो सकते हैं.
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों ने हमला किया था. हमले में 25 भारतीय और 1 विदेशी नागरिक मारा गया था. इसके जवाब ने भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था. ऑपरेशन के दौरान दोनों ही देशों के सेनाएं आमने-सामने आ गई थी. परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान के बीच यह संघर्ष करीब 88 घंटे चला था. बाद में पाकिस्तान की ‘गुहार’ पर दोनों देश ‘सीजफायर’ के लिए सहमत हुए थे.
भारत-पाकिस्तान के बीच हुए ‘सीजफायर’ के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच ‘सीजफायर’ कराने में अहम भूमिका निभाई है. हालांकि, भारत की ओर से इन दावों को खारिज कर दिया गया था.
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