इस फोटो का सच पता चलेगा तो कहेंगे कि हमने मोदी जी को कितना गलत समझा!
काशी के काल भैरव मंदिर में आरती करते हुए PM मोदी की यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है
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पीएम मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर में आरती करते हुए
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"उधर तो कैमरा है,बाबा इधर हैं! वाह मोदी वाह!"
"मोदी जी का पूरा ध्यान भगवान की आरती पर ही है
अगर किसी ने उन्हें कैमरा जीवी कहा तो उसे देशद्रोही घोषित कर दिया जाएगा"
"मोदी जी का ध्यान कैमरा पर है या आरती पर जरा बताओ तो"
"कैमरा जीवी मोदी जी
तेरा ध्यान किधर है ,,तेरा हीरो इधर है"
"मंदिर में भी ' #CameraJeevi'!"
ये तमाम बातें एक तस्वीर पर कही जा रही तस्वीर और उलाहनों के उदाहरण आप इस ट्वीट में देख सकते हैं जो Delhi Pradesh Congress Sevadal ने भी डाला.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कैमरा प्रेम मार्क जकरबर्ग तक से नहीं छिपा है और ये बात भी किसी से छिपी नहीं है. अपोजीशन की आदत होती है, सबूत मांगने की, तो कैमरा प्रेम के सबूत भी किसी से नहीं छुपे हैं. लेकिन आजकल वायरल हो रही इस तस्वीर की कहानी थोड़ी अलग है. हां ये सच है कि पीएम मोदी ने कैमरे की ओर देखा. हां, ये भी सच है कि उस मोमेंट की फोटो सोशल मीडिया पर ऐसे धक्के खा रही है, जैसे नोटबंदी के बाद हज़ार का नोट लेकिन ये सच नहीं है कि पीएम मोदी का पूरा ध्यान इस बार भी सिर्फ कैमरे पर था. हालांकि पूरा सच जानने के पहले, एक बात और. लोग ये तक बतियाते मिले कि ये फोटो एडिटेड है. कैमरा एक्सपर्ट हो पड़े लोगों ने यहां तक दिमाग भिड़ाया कि चश्मे का फ्रेम एडिटिंग के कारण गायब हो गया. इस कथित फैक्ट चेक में लॉजिक की मात्रा उतनी ही थी, जितना आपका मास्क लगाने पर ध्यान रह गया है.मंदिर में भी '#CameraJeevi'! 👇 pic.twitter.com/yGkYcGr373
— Delhi Pradesh Congress Sevadal (@SevadalDL) December 15, 2021


