अमेरिकी हमले में भारतीयों की मौत के बाद G7 समिट में PM मोदी के सामने पड़े ट्रंप, फिर क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 समिट में हिस्सा लेने के लिए दो दिन के दौरे पर फ्रांस के एवियन पहुंचे हैं. यहां लगभग 16 महीने बाद उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से हुई. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने हैंडशेक किया और कुछ देर तक बातचीत की. लेकिन हमेशा की तरह इस बार गले नहीं मिले.

फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस शहर में आयोजित 52वां G-7 सम्मेलन. पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप आमने-सामने आए. 489 दिन बाद हुई इस मुलाकात की दोनों नेताओं के बीच पहले हो चुकी मुलाकातों से तुलना हो रही है. दोनों नेता मीटिंग हॉल में मिले. एक दूसरे से हाथ मिलाया. चेहरे पर मुस्कान दिखी. थोड़ी बहुत बातचीत भी हुई. लेकिन हमेशा की तरह गले नहीं मिले.
समिट हॉल में मिले पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप
G-7 शिखर सम्मेलन में पहुंचते ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम किया. दोनों ने बेहद गर्मजोशी से हैंडशेक किया और एक दूसरे के गले मिले. इसके बाद पीएम मोदी समिट हॉल में पहुंचे. राष्ट्रपति ट्रंप यहां पहले से बैठे थे. दोनों की सीट आस-पास ही थी. पीएम मोदी उनके पास पहुंचे तो राष्ट्रपति ट्रंप कुर्सी से उठे. दोनों ने हाथ मिलाया. चेहरे पर मुस्कान भी दिखी. लगभग 20 सेकेंड तक बातचीत हुई.
पूरी बातचीत के दौरान दोनों एक दूसरे से हैंडशेक करते रहे. राष्ट्रपति ट्रंप ने दूसरे हाथ से पीएम मोदी की बाहों पर थपकी भी दी. बातचीत खत्म करने के बाद दोनों अपनी सीट की ओर बढ़ गए. पिछली कई मुलाकातों को देखें, तो एक चीज इसमें मिसिंग रही. पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप गले नहीं मिले.
मीटिंग से बाहर भी दिखी दूरी
मीटिंग हॉल से निकलकर G-7 के सभी नेता फोटो सेशन के लिए बाहर आए. यहां भी पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक फासला दिखा. फोटो में एक तरफ ट्रंप और दूसरी तरफ पीएम मोदी खड़े नजर आए. बीच में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खड़े रहे. इस फोटो सेशन के दौरान पीएम मोदी ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से गले मिले, कई और नेताओं से हाथ मिलाते और बात करते दिखे, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप से दूरी बनी रही.
भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव
पिछले कुछ समय से टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बना हुआ था. फिर भी बीच-बीच में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की फोन पर बातचीत हो रही थी. लेकिन पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने जो किया. इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में 9 जून से 11 जून के बीच भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया. 10 जून को MT सेट्टेबेलो नाम के जहाज पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई. भारत ने इसको लेकर कड़ा विरोध जताया. अमेरिकी डिप्लोमैट को फटकार भी लगाई.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी गृह मंत्री मार्को रूबियो से बातचीत में भी इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया. लेकिन रुबियो ने सोशल मीडिया पर इस बातचीत के जिक्र में दुख जाहिर करने के बजाय अकड़ दिखाने लगे. उन्होंने लिखा कि अमेरिकी ब्लॉकेड तोड़ने को हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने भारत के तीन मृतक नाविकों का कोई जिक्र नहीं किया. उनके इस बयान के बाद भारत में बवाल शुरू हो गया. लोगों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया. अब कहा जा रहा है कि इस विरोध का असर पीेएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात के दौरान भी देखने को मिला.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप 17 जून को मिलेंगे
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच 17 जून को आधिकारिक तौर पर मिलेंगे. इस मीटिंग में ओमान में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमले पर बात हो सकती है. इसके अलावा तेल आयात, एच 1बी वीजा और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.
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