चार अंगल की ज़बान होती है. ज़रा सा फिसली आपके चरित्र का बखान कर डालती है. इसलिएज़रूरी है कि बोलने से पहले सोच लिया जाए क्या बोला जा रहा है. मुंह से निकले दोलफ्ज़ आप पर बदज़ुबानी का टैग लगवाने की कूव्वत रखते हैं. राजनीति में नेताओं कोज़बानें तो शायद इतनी बेलगाम हो जाती हैं कि जानबूझकर बार बार ऐसी बयानी करते हैं.जैसे वो उनका जन्मसिद्धअधिकार है. खैर! हमें क्या. बोलिए. कम से कम आपकी ज़हनियत तोपता चल जाती है कि आप और कितना गंदा बोल सकते हैं.तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद हैं कल्याण बनर्जी. नोटबंदी पर बोले तो पीएम मोदीके लिए हैं. मगर इंट्रो अपनी ज़बान का दे बैठे. बनर्जी ने एक रैली में कहा, 'मोदीचूहे के बच्चे की तरह वापस गुजरात भागेंगे.' ज़ाहिर सी बात है भाषा में कोई मर्यादान हो तो बुरा तो लगेगा ही. वो भी पीएम के लिए. बनर्जी के इस बयान के खिलाफ भाजपा नेशिकायत दर्ज करा दी है. बनर्जी को अपनी इस बात पर ज़रा भी पछतावा नहीं है कि वो तैशमें आकर क्या बोल गए. उन्होंने माफ़ी मांगने से साफ इंकार तो किया ही, साथ ही मीडियापर मोदी के पक्ष में बोलने का इल्ज़ाम भी लगा दिया. और ये पहला मौका नहीं है जबउन्होंने विवादित बयान दिया हो इससे पहले वो पीएम मोदी की किन्नर से तुलना कर चुकेहैं.ममता बनर्जी की पार्टी TMC 'देश बचाने के लिए' पीएम मोदी को हटाए जाने की मांग कररही है. और 9 जनवरी से तीन-दिवसीय प्रदर्शन कर रही है. ममता बनर्जी ने 9 जनवरी कोप्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी से नोटबंदी के बाद देश की जनता को आपदा की कगार से बचानेके लिए दखल देने की भी अपील की थी. रोज वैली चिटफंड घोटाले में सीबीआई ने TMC के कईनेताओं को अरेस्ट किया. तृणमूल सांसदों सुदीप बंदोपाध्याय और तापस पाल की भीगिरफ्तारी हुई. जिसपर ममता बनर्जी भड़की हुई हैं. उन्होंने एक रैली में कहा,'नरेंद्र मोदी सरकार ने सीबीआई को 'कांस्पिरेसी ब्यूरो ऑफ इंडिया' में बदल दिया है.मैं 23 साल सांसद रही हूं और कई सरकारें देखी हैं लेकिन ऐसी सरकार कभी नहीं देखी,जो हर किसी के विरोध प्रदर्शन में साजिश देखे.'TMC पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी.ममता ने कहा, 'हालात 1975 के आपातकाल के दिनों से भी ज्यादा खराब हैं. हम इसकीपरवाह नहीं करते. अगर मोदी बाबू चाहें तो हम सब को जेल में डाल सकते हैं लेकिन हमजनता के हित में बात करना बंद नहीं करेंगे. कुछ दिक्कतें होंगी, लेकिन किसी को तोआवाज उठानी होगी. तृणमूल कांग्रेस ऐसा करेगी. हम उन सभी दिक्कतों का सामना करेंगे,जो हमारे विरोध की वजह से हमारे सामने आ सकती हैं.' ममता ने सीबीआई की कार्रवाई कोलेकर कहा, 'वे सोचते थे कि तृणमूल मुलायम मिट्टी से बनी है जिसे चूहे भी कुतर सकतेहैं. लेकिन हम बाघों से लड़ते हैं हम चूहों से नहीं डरेंगे.' तृणमूल नोटबंदी केखिलाफ नौ जनवरी से कोलकाता में आरबीआई कार्यालय के बाहर 72 घंटे का धरना दे रही है.ममता बनर्जी ने तो इशारों इशारों में चूहे कहा, लेकिन सांसद कल्याण बनर्जी खुलकर हीपीएम मोदी को चूहा कह गए. उन्होंने कोलकाता में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)कार्यालय के सामने सभा को संबोधित किया और कहा, '2019 के लोकसभा चुनाव में, आप चूहेहो जाएंगे. आप शेर नहीं बने रहेंगे. मोदी को चूहे के बच्चे की तरह गुजरात भागनापड़ेगा.'भाजपा की बंगाल इकाई की ओर से कल्याण बनर्जी के खिलाफ हुगली के श्रीरामपुर थाने मेंशिकायत दर्ज कराई गई है. भाजपा का कहना है कि पुलिस तृणमूल नेता के खिलाफ कार्रवाईकरे.मीडिया रिपोर्टो के मुताबिक कल्याण बनर्जी ने हुगली के रिसड़ा में हुए एक प्रोग्राममें भी पीएम मोदी पर विवादित बयान दिया था. उन्होंने पीएम मोदी की तुलना किन्नर सेकर दी. नोटबंदी के मुद्दे पर बोलते हुए तृणमूल सांसद ने आगे कहा, 'भाषण देते वक्तपीएम सर्कस के जोकर लगते हैं.'ये रहा किन्नर वाला बयानhttps://twitter.com/jitsamar14/status/817624273736998913?ref_src=twsrc%5Etfwभाजपा ने कहा, संतुलन खो बैठे हैंतृणमूल नेताओं की बयानबाज़ी पर मिनिस्टर वेंकैया नायडू ने कहा, 'प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के खिलाफ गाली-गलौज वाली भाषा के इस्तेमाल से मैं स्तब्ध और निराशहूं. यह निम्नतम स्तर है जहां तक नेता उतर सकते हैं. मैं आशा करता हूं कि उनकानेतृत्व अपनी मूखर्ता का अहसास करे. यह प्रधानमंत्री और भाजपा की बढ़ती लोकप्रियताको लेकर बस उनकी कुंठा को दर्शाता है.'भाजपा के नेशनल सेक्रेट्री राहुल सिन्हा ने कोलकाता में कहा, 'मैं वाकई यह महसूस करशर्मिंदा हूं कि वह सांसद हैं . वह सांसद के बिल्कुल लायक नहीं हैं. उन्हें तत्कालअपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्हें डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपना मानसिकजांच करानी चाहिए क्योंकि वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं.'