PM मोदी अमेरिका पहुंचे तो वहां के सांसदों ने लिखी बाइडन को चिट्ठी, भारत को लेकर ये सवाल कर दिए
चिट्ठी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश में लोकतंत्र के मानकों और मानवाधिकारों पर बात करने की मांग की गई है. इस चिट्ठी को 70 अमेरिकी सांसदों का समर्थन मिला है.

भारत में राजनीतिक स्वतंत्रता घटती जा रही है. धार्मिक असहिष्णुता बढ़ी है. सिविल सोसाइटी मेंबर्स और पत्रकारों पर हमले बढ़े हैं. मीडिया की स्वतंत्रता और इंटरनेट एक्सेस पर प्रतिबंध बढ़ते गए हैं. कई सारी स्वतंत्र और विश्वसनीय रिपोर्ट्स में ये बातें सामने आई हैं.
ये कहना है अमेरिका के 70 से भी ज्यादा सेनेटर्स और कांग्रेस सदस्यों का. इन सबने राष्ट्रपति जो बाइडन को एक चिट्ठी लिखी. अंग्रेजी अखबार द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश में लोकतंत्र के मानकों और मानवाधिकारों पर बात करने की मांग की गई है. प्रधानमंत्री मोदी 21 जून की सुबह अपनी राजकीय यात्रा पर वॉशिंगटन पहुंचे. इससे एक शाम पहले प्रतिनिधियों ने ये चिट्ठी लिखी.
महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर की बातचिट्ठी में कहा गया है कि भारत और अमेरिका के बीच एक विशेष संबंध है. इसे हमारे इतिहास को बनाने वाले नेताओं ने बनाया है. जो नैतिकता को बहुत जरूरी मानते थे. उन्होंने महात्मा गांधी और अमेरिका के नागरिक अधिकार आंदोलन के नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर का हवाला दिया, जिन्हें भारत और अमेरिका में बहुत सम्मान के साथ देखा जाता है.
अमेरिकी सांसदों ने रक्षा, आपूर्ति शृंखला और औषधि जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करने के लिए समर्थन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि वे दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव का भी समर्थन करते हैं.
किसी नेता या दल के समर्थन से इनकारसांसदों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे किसी राजनैतिक दल या नेता का समर्थन नहीं करते हैं. वे अमेरिका में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हैं. उन्होंने लिखा,
हम भारत के किसी राजनेता या राजनैतिक दल का समर्थन नहीं करते हैं. ये भारत के लोगों का फैसला है. लेकिन हम उन महत्वपूर्ण सिद्धांतों का समर्थन करते हैं, जो अमेरिका की विदेश नीति का प्रमुख हिस्सा हैं.
सांसदों ने अमेरिकी राष्ट्रपति से दोनों देशों के बीच लंबे और मजबूत संबंधों के लिए सभी जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि अमेरिका और भारत के रिश्ते केवल समान हितों पर ना बनें, बल्कि दोनों देशों के एक जैसे मूल्य भी हों. इस चिट्ठी को लिखने वालों में डेमोक्रेट पार्टी की भारतीय मूल की नेता प्रमिला जयपाल और सांसद क्रिस वेन होलैन प्रमुख हैं.
दौरे के बीच होंगे कई प्रदर्शनप्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के बीच कई सारे प्रदर्शन होंगे. ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने BBC की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने की भी घोषणा की है. यह डॉक्यूमेंट्री 2002 में हुए गुजरात दंगों के बारे में है. उस समय नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे. रिलीज होने के तुरंत बाद ही भारत में इसपर प्रतिंबंध लगा दिया गया था. डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग वॉशिंगटन में होगी.

