BRICS Summit में हुई अनौपचारिक बातचीत में PM मोदी ने शी जिनपिंग से क्या-क्या कहा?
चीन ने द्विपक्षीय वार्ता का अनुरोध किया था जिसे भारत ने खारिज़ कर दिया. ऐसे में दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक मुलाकात हुई.

BRICS समिट के दौरान PM नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) अलग से बात करते दिखे. चीन की तरफ से दावा किया गया कि भारत की मांग पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम मोदी से अलग से बात की थी. चीन के विदेश मंत्रालय ने मोदी-जिनपिंग की बातचीत के बारे में कहा,
"23 अगस्त को भारत की तरफ से बातचीत के लिए अनुरोध किया गया था. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनके अनुरोध पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी."
भारत सरकार ने चीन के इस दावे को खारिज़ कर दिया. मीडिया रिपोर्टस् के मुताबिक असल में चीन ने भारत से द्विपक्षीय बातचीत का अनुरोध किया था. बताया गया कि भारत के पास चीन की द्विपक्षीय वार्ता की रिक्वेस्ट पेंडिंग थी, जिसे भारत ने खारिज़ कर दिया. इसी के चलते शी जिनपिंग को प्रधानमंत्री मोदी से BRICS समिट के दौरान लीडर्स लाउंज में अनौपचारिक बातचीत करनी पड़ी.
सीमा विवाद के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच संबंध काफी समय से खराब चल रहे हैं. दोनों देशों के रिश्तों में ये तल्खी जून 2020 में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई खूनी झड़प के बाद और तेज हो गई. हालांकि समय-समय पर भारत-चीन के नेताओं की तरफ से संबंधों को स्थिर करने के लिए प्रयास किए जाने की बात कही जाती रही है.
इस बार भी शी जिनपिंग और PM मोदी की मुलाकात के बाद दोनों देशों की तरफ से ऐसी ही बातें कही गईं. साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में BRICS समिट के दौरान 24 अगस्त को मीडिया से बात करते हुए भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा,
“BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की अन्य देशों के नेताओं के साथ-साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी बातचीत हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी हिस्से में LAC के साथ अनसुलझे मुद्दों पर भारत की चिंताओं के बारे में बात की.”
विदेश सचिव क्वात्रा ने बताया कि इस चर्चा के दौरान मोदी और शी अपने संबंधित अधिकारियों को सैनिकों की शीघ्र वापसीऔर तनाव कम करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश देने पर सहमत हुए. मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जोर देते हुए कहा,
“भारत-चीन के सीमावर्ती इलाके में शांति बनाए रखना, LAC का सम्मान करना, भारत-चीन के संबंधों को सामान्य बनाने और शांति स्थापित करने के लिए बहुत जरूरी है.”
वहीं चीन की न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी से अनौपचारिक बातचीन के दौरान कहा कि चीन-भारत के बीच संबंधों में सुधार दोनों देशों के हित में है.
(ये स्टोरी हमारे साथी अनुराग अनंत ने लिखी है)

