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संसद में कैसा था डॉ मनमोहन सिंह का आखिरी दिन? पीएम मोदी ने तारीफ में कही थी ये बात

Manmohan Singh Death News: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री Dr Manmohan Singh ने दुनिया को अलविदा कह दिया. इससे पहले, PM मोदी ने संसद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की खुले दिल से तारीफ की थी. जानिए संसद में डॉ मनमोहन सिंह के आखिरी दिन की कहानी.

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27 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 27 दिसंबर 2024, 09:35 AM IST)
PM Modi praised Dr. Manmohan Singh in Parliament rajyasabha know the story of his last day
PM मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जमकर तारीफ की थी. (फोटो: इंडिया टुडे)
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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह (Dr Manmohan Singh) ने दुनिया को अलविदा कह दिया. वो 92 साल के थे. तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुवार, 26 दिसंबर की शाम 8:06 बजे दिल्ली एम्स (AIIMS) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. AIIMS के डॉक्टर्स के मुताबिक रात 9:51 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को तमाम नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने श्रद्धांजलि दी. PM मोदी ने एक्स (X) पर उनके साथ तस्वीरें साझा कीं और लिखा कि दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ. मनमोहन सिंह जी के परिवार, उनके मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं.

इससे पहले, PM मोदी ने राज्यसभा के रिटायर्ड सदस्यों के फेयरवेल में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की खुले दिल से तारीफ की थी. इन रिटायर्ड सदस्यों में डॉ मनमोहन सिंह भी शामिल थे जो सदन से विदा ले रहे थे और 8 फरवरी 2024 को उनका राज्यसभा में आखिरी दिन था. इस मौके पर PM मोदी ने कहा था कि जब भी भारतीय लोकतंत्र की चर्चा होगी, मनमोहन सिंह का नाम हमेशा आदर के साथ लिया जाएगा. उनके विचारों और मार्गदर्शन ने न केवल इस सदन को दिशा दी, बल्कि देश को भी एक नई ऊर्जा प्रदान की.

जब व्हीलचेयर पर आए थे डॉ मनमोहन सिंह

PM मोदी ने देश के सांसदो को उनसे प्रेरणा लेने के लिए कहा. उन्होंने कहा-

“मुझे याद है कि सदन में एक बार वोटिंग होनी थी. यह भी तय था कि जीत सत्ता पक्ष की होनी है. लेकिन डॉ. मनमोहन सिंह ने जिस प्रकार से अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है, वह प्रेरणादायक है. व्हीलचेयर पर होते हुए भी वो मतदान करने आए. सवाल यह नहीं है कि वो किसको समर्थन देने आए थे, बल्कि यह है डॉ. मनमोहन सिंह लोकतंत्र को ताकत देने आए थे. उनका यह समर्पण हर सांसद के लिए सीखने योग्य है.”

‘वैचारिक मतभेद अल्पकालीन…’

इसके अलावा PM मोदी ने राजनीतिक शिष्टाचार के बारे में बात करते हुए कहा था-

“वैचारिक मतभेद बहुत अल्पकालीन होता है. लेकिन इतने लंबे अरसे तक जिस प्रकार से मनमोहन सिंह ने सदन और देश का मार्गदर्शन किया है. मैं सभी सांसदों से जरूर कहूंगा कि ये जो सांसद होते हैं. वो किसी भी दल के क्यों ना हो लेकिन जिस प्रकार से उन्होंने अपने जीवन को व्यवस्थित किया होता है, उसे हमें एक मार्गदर्शन के रूप में सीखने के लिए कोशिश करनी चाहिए.”

‘एक्स’ पर तस्वीरें शेयर कर दी श्रद्धांजलि

PM मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए एक्स पर उनके साथ की तस्वीरें शेयर की. उन्होंने लिखा-

"डॉ. मनमोहन सिंह जी और मैं उस समय नियमित रूप से बातचीत करते थे जब वे प्रधानमंत्री थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था. हम शासन से जुड़े कई विषयों पर गहरी चर्चा करते थे. उनकी बुद्धिमत्ता और विनम्रता हमेशा देखने को मिलती थी.दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ. मनमोहन सिंह जी के परिवार, उनके मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं.”

बता दें कि डॉ मनमोहन सिंह 1991 से 1996 के बीच पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में भारत के वित्त मंत्री रहे. उन्होंने देश में हुए आर्थिक सुधारों में अहम रोल निभाया था. मनमोहन सिंह ने बजट के दौरान LPG यानी उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण से जुड़े कई एलान किए थे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली. उनके योगदान को देखते हुए डॉक्टर सिंह को साल 1987 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

वीडियो: तारीख: मनमोहन सिंह को सोना गिरवी क्यों रखना पड़ा था? क्या होता है गोल्ड क्राइसिस?

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