पीएम मोदी जिन नॉर्डिक देशों में पहुंचे वहां से दुनिया को कैसे मिले सनडे-मनडे?
नॉर्डिक शब्द का मतलब होता है नॉर्दर्न, यानी उत्तर में स्थित. ये उत्तरी यूरोप के पांच देशों का ग्रुप है. समिट में भारत के अलावा पांच Nordic देश शामिल हैं- नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, आइसलैंड और डेनमार्क. ये नॉर्डिक देशों के साथ भारत की तीसरी बैठक है. इस साल समिट का एजेंडा क्या है और भारत के लिए ये बैठक अहम क्यों हैं, समझते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 19 मई को नॉर्डिक समिट (Nordic Summit) में हिस्सा लिया. ये समिट नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में हो रही है. करीब 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे के आधिकारिक दौरे पर है. इससे पहले साल 1983 में इंदिरा गांधी नॉर्वे गई थीं.
नॉर्डिक शब्द का मतलब होता है नॉर्दर्न, यानी उत्तर में स्थित. ये उत्तरी यूरोप के पांच देशों का ग्रुप है. समिट में भारत के अलावा पांच Nordic देश शामिल हैं- नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, आइसलैंड और डेनमार्क. ये नॉर्डिक देशों के साथ भारत की तीसरी बैठक है. इस साल समिट का एजेंडा क्या है और भारत के लिए ये बैठक अहम क्यों हैं, समझते हैं.
नॉर्डिक देशों से भारत का व्यापारट्रेड, क्लाइमेट चेंज, एनर्जी सिक्योरिटी और जियोपॉलिटिकल समस्याएं, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-इज़रायल-ईरान युद्ध के आर्थिक असर, ये वो बड़े मुद्दे हैं जिन पर समिट में चर्चा हो सकती है.
नॉर्डिक देशों से भारत में ग्रीन टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और इंडस्ट्रियल मशीनों का एक्सपोर्ट होता है. वहीं भारत से नॉर्डिक देशों को दवाइयां, मशीनें और कपड़ों जैसे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स भेजे जाते हैं.
साल 2024 में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच कुल व्यापार करीब 19 अरब डॉलर (करीब एक लाख 84 हजार करोड़ रुपये) का रहा. फिनलैंड की Nokia और स्वीडन की Volvo और IKEA जैसी कंपनियों की भारतीय मार्केट में ठीक-ठाक मौजूदगी है. इसके अलावा भारतीय शिपयार्ड नॉर्वे के लिए भी जहाज बना रहे हैं, जो नॉर्वेजियन शिपओनर्स के ऑर्डर का करीब 11 प्रतिशत हिस्सा हैं.

ये तो हुई भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार की बात. अब नॉर्डिक से जुड़ा एक रोचक किस्सा भी जान लेते हैं, जिसका संबंध हफ्ते के 7 दिन के नामों से है.
- बेबीलोनियाई कैलेंडर के मुताबिक दिनों के नाम 5 ग्रहों (बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि), सूरज और चांद के नाम पर रखे गए.
- रोमन नागरिक सदियों तक 1 हफ्ते में 8 दिन मानते थे.
- फिर 321 C.E. में राजा कॉन्सटेंटाइन ने नए रोमन कैलेंडर की शुरुआत की, जिसमें 7 दिन थे.
- इस कैलेंडर में रविवार यानी सन-डे को हफ्ते का पहला दिन माना गया. इसके बाद के दिनों के नाम मून्स-डे, मार्स-डे, मरकरी-डे, जुपिटर्स-डे, वीनस-डे और सैटर्न्स-डे रखे गए.
- बेबीलोनियाई कैलेंडर धीरे-धीरे रोमन, जर्मन जैसे दूसरे कल्चर में भी अपनाया जाने लगा.
- नॉर्डिक देशों में पहुंचने पर लोगों ने इसे अपने भगवानों के नाम से जोड़ा. पुराने नामों में कई बदलाव किए. इसके बाद दिनों के नए नाम कुछ इस तरह रखे:-
सन-डे यानी सूरज का दिन. नॉर्डिक देशों में सूरज को सुन्ना नाम की देवी के समान माना जाता है.
मन-डे का मतलब चांद का दिन. नॉर्डिक कल्चर में चांद को ‘मनी’ कहा जाता था.
ट्यूज़-डे का नाम नॉर्डिक भगवान टिर (TYR) पर आधारित है.
वेडनस-डे (वेन्ज़ डे) को नॉर्डिक भगवान ओडिन के नाम पर नाम मिला. इस कल्चर में इन्हें सभी भगवानों और देवताओं में सबसे ऊपर माना जाता था.
थर्स-डे (थज़ डे) का नॉर्डिक भगवान थॉर के नाम पर है. थॉर ओडिन के बेटे और ‘गॉड ऑफ थंडर’ के रूप में जाने जाते थे.
फ्राई-डे का नाम देवी फ्रिग (फ्रेया) नाम पर है. ये ओडिन की पत्नी थीं. इन्हें रोमन भगवान वीनस के समान माना जाता था.
सैटर-डे का नाम रोमन कल्चर से ही लिया गया है. जहां इस दिन को सैटर्न से जोड़ा गया था. बस नाम को थोड़ा मोडिफाई किया गया है.
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