जेलेंस्की के साथ मीटिंग में रूस पर क्या बोले पीएम मोदी?
युद्ध शुरू होने के बाद ये मोदी-जेलेंस्की की पहली मुलाकात है.
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जापान के हिरोशिमा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Zelensky meets Modi) के बीच शनिवार को मुलाकात हुई. मोदी G7 समिट में हिस्सा लेने जापान पहुंचे हैं. इसी दौरान दोनों देशों के बीच वार्ता भी हुई. ये मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है. इससे पहले पीएम मोदी और जेलेंस्की के बीच कई बार फोन पर बात हुई है. इस बात की जानकारी खुद मोदी ने दी. युद्ध शुरू होने के बाद से ये मोदी-जेलेंस्की की पहली मुलाकात है.
इस वार्ता के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे.
मोदी ने कहा -
“पिछले एक-डेढ़ साल से हम लगातार फोन पर बात करते रहे हैं. पर ग्लासगो के बाद, एक लंबे अरसे के बाद आज मिलने का अवसर मिल रहा है. यूक्रेन में चल रहा युद्ध पूरे विश्व के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है. पूरे विश्व पर इसके अनेक प्रकार के प्रभाव भी पड़े हैं. लेकिन मैं इसी राजनीति या अर्थव्यवस्था का मुद्दा नहीं मानता हूं. मेरे लिए ये मानवता का मुद्दा है, मानवीय मुल्यों का मुद्दा है. युद्ध की पीड़ा क्या होती है, ये आप हम सबसे ज्यादा जानते हैं. पिछले साल जब हमारे बच्चे यूक्रेन से वापस आए, तब उन्होंने परिस्थितियों का जो वर्णन किया, उससे मैं आपकी और यूक्रेन के नागरिकों की वेदना को अच्छे से समझ पाता था, उसका अंदाजा लगा पाता था. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इसके समाधान के लिए भारत और निजी रूप से मैं, हमसे जो कुछ भी हो सकता है, हम जरूर करेंगे.”
मोदी जी-7 समिट में शामिल होने के लिए 19 मई को जापान के हिरोशिमा पहुंचे हैं. इससे पहले उन्होंने जापान के पीएम फुमियो किशिदा से जापान और भारत की जी-7 और जी-20 की अध्यक्षता के तहत कई वैश्विक चुनौतियों पर बात की. शनिवार को उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया. मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से भी मुलाकात की. जेलेंस्की से मुलाकात की जानकारी PMO ने ट्वीट कर दी.
मोदी से हस्तक्षेप की अपीलबताते चलें, पिछले साल फरवरी में रूस ने विशेष सैन्य अभियान का नाम देते हुए यूक्रेन पर हमला कर दिया था. यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से पीएम मोदी और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की ये पहली मुलाकात है. रूस के साथ जंग की शुरुआत के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कई बार प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर युद्ध रुकवाने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की थी.
वहीं मोदी दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों से युद्ध की शुरुआत के बाद से कई मौकों पर शांति की अपील कर चुके हैं. मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में कहा था कि किसी भी समस्या का समाधान जंग नहीं है. बातचीत से समस्या का हल निकाला जाना चाहिए. हालांकि, संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य वैश्विक मंचों पर भारत ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को लेकर अपना तटस्थ रुख भी कायम रखा है.
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