अले ले ले ले, प्रधानमंत्री वीसी साहब से नालाज हो गए!
मगर जिस लड़की का यौन शोषण हुआ, उसकी अब तक किसी ने नहीं सुनी है.
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प्रधानमंंत्री ने मुख्यमंत्री योगी सेे पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है.
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बीएचयू में लड़की के साथ छेड़खानी हुई. लड़कियों ने सामूहिक तौर पर विरोध प्रदर्शन किया. वीसी को बुलाने की मांग पर अड़ी लड़कियों पर पुलिस और BHU के सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया. पूरे देश-दुनिया में इसकी खूब चर्चा हुई. अब मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वाराणसी के सांसद अपने संसदीय क्षेत्र के सबसे बड़े विश्वविद्यालय बीएचयू के वीसी प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी से नाराज हैं. और हों भी क्यों न, बीएचयू में पिछले चार दिनों में जो हुआ उसे दुनिया ने देखा है. दुनिया ने देखा है तो खुद पीएम मोदी ने भी देखा ही होगा. रही सही कसर योगी सरकार ने पूरी कर दी है.

इससे पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में इकॉनमिक्स के प्रोफेसर थे.
हंगामे को संभालने में नाकाम रहे वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी को लंबी छुट्टी पर भेजा जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो खुद पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मामले में दखल दिया, जिसके बाद मानव संसाधन मंत्रालय उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने का फैसला ले सकता है. बीएचयू एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है. वाइस चांसलर का पद संवैधानिक है. इसलिए वीसी को हटाने पर राष्ट्रपति ही फैसला ले सकते हैं. वीसी का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो रहा है. ऐसे में उन्हें हटाने की बजाय छुट्टी पर भेजा जाना तय माना जा रहा है. बीएचयू वीसी को 26 सितंबर को दिल्ली तलब किया गया है, जहां उन पर फैसला लिया जा सकता है.
लाठीचार्ज के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगभग खत्म हो गया है.
हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी मामले के लिए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज वी.के.द्विवेदी की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय समिति करेगी. इसके साथ ही सुरक्षाकर्मियों की टीम में महिलाओं को शामिल करने को मंजूरी मिल गई है. इसके अलावा कैंपस के लिए नया सुरक्षा प्लान तैयार करने के साथ ही कैंपस में 65 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी मंजूरी मिल गई है.
प्रोफेसर त्रिपाठी ने कहा है कि वो हर लड़की की बात सुनेंगे तो यूनिवर्सिटी नहीं चला पाएंगे.
बताया जाता है कि प्रोफेसर त्रिपाठी संघ के सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल के करीबी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रोफेसर त्रिपाठी का नाम यूजीसी के चेयरमैन की रेस में भी था. लेकिन इस विवाद के बाद उनका नाम लिस्ट से कट सकता है. इसके अलावा उनका नाम इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के वीसी को लेकर भी चल रहा था, लेकिन इस विवाद के बाद अब उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. वहीं इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि वीसी त्रिपाठी ने बातचीत के दौरान कहा है कि अगर वो हर लड़की की बात सुनने लगेंगे तो यूनिवर्सिटी नहीं चला पाएंगे.
SSP ने BHU के सुरक्षागार्डों से वर्दी बदलने को कहा है.
बीएचयू में लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार माने जा रहे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों पर एसएएसपी आरके भारद्वाज ने नाराजगी जताई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसएएसपी ने कहा है कि BHU के सुरक्षागार्ड यूपी पुलिस को बदनाम कर रहे हैं. BHU के सुरक्षाकर्मियों की वर्दी और यूपी पुलिस की वर्दी एक है. ऐसे में सुरक्षागार्ड कुछ भी करते हैं और बदनामी यूपी पुलिस की होती है. ऐसे में एसएसपी ने कहा है कि सुरक्षागार्ड को अपनी वर्दी बदलनी चाहिए. एसएसपी ने कहा है कि अगर 26 सितंबर तक गार्ड वर्दी नहीं बदलते हैं, तो वाराणसी पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.
यूनिवर्सिटी खुलने के बाद स्टूडेंट्स एक बार फिर अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं.
चार दिन के हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी को 2 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है. ऐसे में सभी हॉस्टल लगभग खाली हो गए हैं. लड़कियों को भी सुरक्षा का हवाला देकर घर भेज दिया गया है. ऐसे में आंदोलन लगभग खत्म हो गया है. त्रिवेणी हॉस्टल की एक लड़की की माने तो 3 अक्टूबर को वो और उसके साथी हॉस्टल आएंगे. इसके बाद मिल-बैठकर रणनीति तय की जाएगी और 4 अक्टूबर को एक बार फिर से आंदोलन किया जाएगा.
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जांच में सामने आई बीएचयू की लापरवाही
मुख्यमंत्री ने बीएचयू के मामले की जांच वाराणसी मंडल के कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण को सौंपी थी. उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया है कि जिस लड़की का यौन शोषण हुआ, उसकी शिकायत के बावजूद बीएचयू प्रशासन ने एक्शन नहीं लिया. इतना ही नहीं, जब स्थितियां बिगड़ने लगीं, तो भी सही समय पर जरूरी एक्शन नहीं लिया गया.Varanasi Commissioner in report to Chief Secy says #BHU
— ANI UP (@ANINewsUP) September 26, 2017
did not deal with victim complaint in sensitive manner,nor handled situation on time
Varanasi Commissioner Nitin Gokarn submits preliminary report to Chief Secy Rajiv Kumar, blames University administration #BHUClash
— ANI UP (@ANINewsUP) September 26, 2017
लंबी छुट्टी पर जा सकते हैं वीसी

इससे पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में इकॉनमिक्स के प्रोफेसर थे.
हंगामे को संभालने में नाकाम रहे वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी को लंबी छुट्टी पर भेजा जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो खुद पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मामले में दखल दिया, जिसके बाद मानव संसाधन मंत्रालय उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने का फैसला ले सकता है. बीएचयू एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है. वाइस चांसलर का पद संवैधानिक है. इसलिए वीसी को हटाने पर राष्ट्रपति ही फैसला ले सकते हैं. वीसी का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो रहा है. ऐसे में उन्हें हटाने की बजाय छुट्टी पर भेजा जाना तय माना जा रहा है. बीएचयू वीसी को 26 सितंबर को दिल्ली तलब किया गया है, जहां उन पर फैसला लिया जा सकता है.
न्यायिक जांच का आदेश हुआ, कैमरे भी लगाने पर मंजूरी

लाठीचार्ज के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगभग खत्म हो गया है.
हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी मामले के लिए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज वी.के.द्विवेदी की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय समिति करेगी. इसके साथ ही सुरक्षाकर्मियों की टीम में महिलाओं को शामिल करने को मंजूरी मिल गई है. इसके अलावा कैंपस के लिए नया सुरक्षा प्लान तैयार करने के साथ ही कैंपस में 65 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी मंजूरी मिल गई है.
यूजीसी चेयरमैन की रेस में प्रोफेसर त्रिपाठी!

प्रोफेसर त्रिपाठी ने कहा है कि वो हर लड़की की बात सुनेंगे तो यूनिवर्सिटी नहीं चला पाएंगे.
बताया जाता है कि प्रोफेसर त्रिपाठी संघ के सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल के करीबी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रोफेसर त्रिपाठी का नाम यूजीसी के चेयरमैन की रेस में भी था. लेकिन इस विवाद के बाद उनका नाम लिस्ट से कट सकता है. इसके अलावा उनका नाम इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के वीसी को लेकर भी चल रहा था, लेकिन इस विवाद के बाद अब उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. वहीं इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि वीसी त्रिपाठी ने बातचीत के दौरान कहा है कि अगर वो हर लड़की की बात सुनने लगेंगे तो यूनिवर्सिटी नहीं चला पाएंगे.
एसएसपी ने कहा, यूपी पुलिस को बदनाम कर रहे BHU के सुरक्षागार्ड

SSP ने BHU के सुरक्षागार्डों से वर्दी बदलने को कहा है.
बीएचयू में लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार माने जा रहे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों पर एसएएसपी आरके भारद्वाज ने नाराजगी जताई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसएएसपी ने कहा है कि BHU के सुरक्षागार्ड यूपी पुलिस को बदनाम कर रहे हैं. BHU के सुरक्षाकर्मियों की वर्दी और यूपी पुलिस की वर्दी एक है. ऐसे में सुरक्षागार्ड कुछ भी करते हैं और बदनामी यूपी पुलिस की होती है. ऐसे में एसएसपी ने कहा है कि सुरक्षागार्ड को अपनी वर्दी बदलनी चाहिए. एसएसपी ने कहा है कि अगर 26 सितंबर तक गार्ड वर्दी नहीं बदलते हैं, तो वाराणसी पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.
4 अक्टूबर से फिर जुटेंगे स्टूडेंट्स

यूनिवर्सिटी खुलने के बाद स्टूडेंट्स एक बार फिर अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं.
चार दिन के हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी को 2 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है. ऐसे में सभी हॉस्टल लगभग खाली हो गए हैं. लड़कियों को भी सुरक्षा का हवाला देकर घर भेज दिया गया है. ऐसे में आंदोलन लगभग खत्म हो गया है. त्रिवेणी हॉस्टल की एक लड़की की माने तो 3 अक्टूबर को वो और उसके साथी हॉस्टल आएंगे. इसके बाद मिल-बैठकर रणनीति तय की जाएगी और 4 अक्टूबर को एक बार फिर से आंदोलन किया जाएगा.
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बिना वीसी के कहे यूनिवर्सिटी में नहीं जा सकती पुलिस, जांच किसकी करेंगे कमिश्नर
तीन दिनों तक चुप थे BHU वीसी, अब बोले भी तो बेतुकी बातें
सुरक्षा मांगने वाली लड़कियों पर लाठी चलवाने वाले वीसी साहब, जय माता दी!
BHU के इन 10 विवादों को जानेंगे तो खुदहै कहेंगे- वीसी साहब, तुमसे न हो पाएगा
प्रधानमंत्री मोदी के नाम खुला ख़त: “BHU की बेटियां क्या बेटियां नहीं हैं?”
छेड़खानी के विरोध में BHU की दीवारें हिला दी हैं लड़कियों ने
BHU की लड़कियां बोलीं- हमें 8 बजे के बाद तालों की नहीं, लाइटों की जरूरत है
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