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फ्यूल बचाने की PM मोदी वाली अपील इन देशों में भी हुई, थाइलैंड ने तो 'हाफ शर्ट' पहनने को कह दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल में किफायत बरतने की अपील की है. इस अपील का कारण ईरान और अमेरिका युद्ध से उपजा ईंधन संकट है. उनसे पहले कई और देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने अपने देश के नागरिकों से ईंधन और ऊर्जा खपत कम करने की अपील की है. कई देशों ने तो कुछ पाबंदियां भी लगाई हैं.

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11 मई 2026 (अपडेटेड: 11 मई 2026, 12:12 AM IST)
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पीएम मोदी के अलावा कई और देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने की ईंधन के इस्तेमाल में किफायत की अपील. (इंडिया टुडे)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के नागरिकों से पेट्रोल और डीजल को लेकर किफायत बरतने को कहा है. साथ ही साल भर तक सोना नहीं खरीदने और खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने की अपील की है. पीएम के इस स्पीच को डिकोड करते हुए कई एक्सपर्ट्स ने मुश्किल दिनों के लिए तैयार रहने को कहा है. वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार ईरान वॉर से पैदा हुए हालात को हैंडल करने में फेल रही है. इन आरोप-प्रत्यारोपों से इतर दुनिया भर में और कौन-कौन से देश अपने नागरिकों से इस तरह की अपील कर रहे हैं. या फिर ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से पाबंदियों की ओर बढ़ रहे हैं इस पर एक नजर डाल लेते हैं.

पाकिस्तान 

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने तो ईंधन की खपत कम करने के लिए कई तरह की पाबंदियां भी लगाई हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मार्च की शुरुआत में ही सरकारी खर्चे में कटौती और वर्क फ्रॉम होम जैसे गाइडलाइंस अनाउंस किए थे. देश को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 

सरकारी डिपार्टमेंट के ईंधन भत्ते में दो महीने के लिए 50 फीसदी की कटौती की जाएगी. इसके अलावा जरूरी सेवाओं में लगे कर्मचारियों को छोड़कर बाकी सरकारी कर्मचारियों में से आधे लोग वर्क फ्रॉम होम करेंगे. 

पाकिस्तान ईंधन संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है क्योंकि उनकी आर्थिक हालत खस्ता है और ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भरता है.

श्रीलंका

हिंद महासागर में भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका ने अपने फ्यूल स्टोरेज को बचाने के लिए काम के हफ्ते को छोटा करने की घोषणा की है. साथ ही सरकार ने स्कूलों और यूनिवर्सिटीज को भी ईंधन खपत कम करने के आदेश दिए हैं. ये उपाय अनिश्चितकाल तक के लिए लागू किए गए हैं. यानी जब तक वैश्विक ईंधन संकट का समाधान नहीं हो जाता, श्रीलंका में पाबंदियां जारी रहेंगी.

थाईलैंड 

थाईलैंड सरकार ने भी ईंधन संकट को देखते हुए कई आदेश जारी किए हैं. देश के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश दिया है. केवल जरूरी सेवा में लगे कर्मचारियों को इससे छूट मिलेगी. थाई सरकार ने एनर्जी बचाने के लिए कई गाइडलाइंस जारी किए हैं. इसमें विदेश यात्राओं को स्थगित करना, काम पर शॉर्ट स्लीव वाली शर्ट पहनना और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करने जैसे गाइडलाइंस शामिल हैं.

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए थाईलैंड सरकार ने अफसरों के ज्यादातर विदेशी दौरे रोक दिए हैं. अधिकारियों को समारोह छोड़कर बिना टाई की हाफ स्लीव शर्ट पहनने को कहा है, ताकि AC कम चलाना पड़े. सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 26-27°C रखने, लिफ्ट कम इस्तेमाल करने और कारपूलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. 

फिलीपींस

फिलीपींस में ईंधन की खपत कम करने के लिए 9 मार्च से सरकारी कर्मचारी हफ्ते में चार दिन काम कर रहे हैं. इस शेड्यूल में इमरजेंसी सर्विस और फ्रंटलाइन वर्कर्स को शामिल नहीं किया गया है.

वियतनाम 

वियतनाम ने भी अपनी जनता से ईंधन की खपत कम करने का आग्रह किया है. सरकार ने लोगों से वर्क फ्रॉम होम करने और ट्रैवल के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल का अनुरोध किया है.

म्यांमार 

म्यांमार सरकार ने पेट्रोल बचाने के लिए मार्च में ही प्राइवेट व्हिकल पर बैन लगा दिया था. इसके अलावा सरकार  ईंधन कम पड़ने के डर से लोगों को सप्ताह में एक या दो बार ही ईंधन खरीदने की अनुमति दे रही है. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: पीएम मोदी ने क्यों किया कोरोना, वर्क फ्रॉम होम का जिक्र? क्या संकट आने वाला है?

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