लैंडिंग के वक्त एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट का नोज लैंडिंग गियर टूट गया, लेकिन ये होता क्या है?
हादसे के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-938 में कुल 133 यात्री सवार थे. शुरुआती जांच में पता चला कि लैंडिंग के समय विमान का नोज लैंडिंग गियर (सामने का लैंडिंग पहिया और उसका मैकेनिज्म) क्षतिग्रस्त हो गया था.

हैदराबाद से थाईलैंड जा रही एक एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट की फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हार्ड लैंडिंग हुई. इस दौरान विमान के आगे के पहिये की नोज लैंडिंग गियर क्षतिग्रस्त हो गई. इस वजह से फ्लाइट रनवे पर ही फंसी रही. इसके चलते करीब 6 घंटे तक रनवे बंद करना पड़ा था. हालांकि, सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था. अब एयरपोर्ट पर नॉर्मल ऑपरेशन शुरू हो चुके हैं.
यह घटना बुधवार, 11 मार्च को हुई. इंडिया टुडे से जुड़े अमित भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-938 में कुल 133 यात्री सवार थे. शुरुआती जांच में पता चला कि लैंडिंग के समय विमान का नोज लैंडिंग गियर (सामने का लैंडिंग पहिया और उसका मैकेनिज्म) क्षतिग्रस्त हो गया था.
इसी कारण रनवे पर हार्ड लैंडिंग हुई घटना की जांच करने और रनवे पर फिर से ऑपरेशन शुरू करने से पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वहां पर ऑपरेशन रोक दिए थे. बाद में एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से एक बयान आया. जिसमें एयरलाइन ने कहा,
"हम पुष्टि करते हैं कि 11 मार्च को हमारी हैदराबाद-फुकेट फ्लाइट को फुकेट एयरपोर्ट पर नोज व्हील से जुड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा. विमान क्रू ने सारे स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल्स फ़ॉलो किए और सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उतार लिया गया.”
बाद में फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी घटना की जानकारी दी. बताया कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे तक रनवे से डैमेज प्लेन को हटाने का काम जारी था और रनवे क्लोजर की वजह से फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं.
यह भी पढ़ें: ईरान युद्ध के बीच गुमनाम हुए जेडी वेंस? लोग पूछ रहे, ‘आखिर कहां हैं वाइस प्रेसिडेंट?’
अब रनवे पर ऑपरेशन शुरू हो चुके हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने बयान में बताया कि एयरक्राफ्ट में नोज व्हील्स लगा दिए गए हैं.
क्या होता है नोज लैंडिंग गियर?
नोज लैंडिग गियर एक एयरक्राफ्ट के ट्राईसाइकिल लैंडिंग गियर सिस्टम का अहम हिस्सा होता है. ये विमान के आगे के ढांचे यानी उसके वजन को सपोर्ट करता है. इसी की मदद से विमान जमीन पर चारों तरफ घूम (यानी ग्राउंड मनूवरिंग) पाता है.
लैंडिंग के वक्त जमीन छूते ही विमान में झटके लगते हैं. नोज लैंडिंग गियर इन झटकों को इस तरह हैंडल करता है कि झटके नहीं लगते. टेकऑफ हो या लैंडिंग, नोज लैंडिंग गियर हाइड्रोलिक एक्चुएटर्स और ओलियो स्ट्रट्स जैसे कॉम्पोनेंट्स की मदद से विमान को घिसटने से बचाता है.
जाहिर है इस सिस्टम के फेल होने या टूटने की वजह से विमान अपना संतुलन खो सकता है. लैंडिंग के वक्त ऐसा हो तो विमान रनवे से दिशाहीन हो सकता है. हालांकि एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान के पायलटों ने अपनी सूझबूझ से कोई अनहोनी नहीं होने दी.
वीडियो: आसान भाषा में: होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सबसे पहले किन गाड़ियों की टंकी खाली होगी?

.webp?width=60)


