पुलिस के बूट तले दबे 'पंजाबी जॉर्ज फ्लॉयड' रंजीत सिंह की वायरल तस्वीर के बारे में जान लीजिए
तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
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'पंजाबी जॉर्ज फ्लॉएड'. इसी नाम से इस युवक की फोटो वायरल हो रही है. तस्वीर सिंघु बॉर्डर की है. तारीख़- 29 जनवरी. बाकी की जानकारी ख़बर में. (फोटो- PTI)
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ये जो फोटो आप ऊपर फीचर इमेज में देख रहे हैं, ये दो दिन से वायरल है. पुलिस के जूतों तले कुचले जा रहे इस युवक को 'पंजाबी जॉर्ज फ्लॉएड' कहा जा रहा है. कौन है ये युवक? तस्वीर कहां की है? क्यों पुलिस इसे इतनी बेरहमी से पीट रही है? जॉर्ज फ्लॉएड कौन था, जिससे इसकी तुलना की जा रही है? सब सवालों के जवाब ढूंढते हैं.
अलीपुर के SHO पर तलवार ताने युवक. जगह- सिंघु बॉर्डर. तारीख़- 29 जनवरी. (फोटो- ANI)
ANI के मुताबिक तस्वीर में अपना बचाव करते दिख रहे ये पुलिसकर्मी हैं अलीपुर थाने के SHO प्रदीप पालीवाल. जिन पर एक प्रदर्शनकारी ने तलवार से हमला कर दिया. इसमें SHO पालीवाल घायल भी हुए. आरोप है कि इसके बाद पुलिसवालों ने इस प्रदर्शनकारी को जमकर पीटा. उसके चेहरे पर अपना जूता तक रख दिया.
किसानों का आरोप है कि 29 जनवरी को जब किसान प्रदर्शनकारी और स्थानीय प्रदर्शनकारी भिड़े तो पुलिस ने स्थानीय भीड़ का साथ दिया. इसी बीच गुस्साए रंजीत सिंह ने पुलिसवाले के खिलाफ तलवार निकाल ली. इसी के बाद पूरा घटनाक्रम हुआ. #Punjabi_GeorgeFloyd जिस तरह रंजीत सिंह के चेहरे पर जूता रखकर पुलिस उसे पीट रही है, उसने अमेरिका की जॉर्ज फ्लॉएड वाली घटना की याद दिला दी. जॉर्ज एक अश्वेत व्यक्ति थे, जिनको जाली नोट चलाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया, 25 मई 2020 को. गिरफ्तारी के फौरन बाद एक अफसर ने उन्हें ज़मीन पर पटक कर गर्दन पर घुटना रख दिया था, जबकि जॉर्ज ने गिरफ्तारी का विरोध नहीं किया था. गर्दन दबने की वजह से वो सांस न ले सके और उनकी मौत हो गई.
कुछ इसी तरह रंजीत सिंह को पीटा गया. उनकी फोटो या हैशटैग के साथ तमाम लोगों ने ट्वीट किए. देखते जाइए.
https://twitter.com/RahulGandhi/status/1355480295189868547
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने दो दिन पहले ही कहा था कि 26 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने काफी संयम और शांति से काम लिया. इस बात पर उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 3-4 बार ज़ोर दिया. लेकिन अब रंजीत सिंह की पिटाई की ये तस्वीरें संयम और शांति के इन दावों पर भी सवाल उठा रही हैं. यकीनन अगर कोई पुलिस पर या किसी आम इंसान पर भी हमला करे तो उसे सज़ा मिलनी चाहिए. लेकिन कानून के मुताबिक. आज 30 जनवरी है. महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है. बापू ने कहा था - आंख के बदले आंख, सारी दुनिया अंधी हो जाएगी.
तस्वीर की जगह - सिंघु बॉर्डर, दिल्ली.दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन चल रहा है. 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली. इसमें हिंसा हुई. लाल किले में बवाल हुआ. इसके बाद से ही किसान आंदोलन का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. 29 जनवरी को माहौल और ज़्यादा बिगड़ गया, जब किसानों और कुछ स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई. स्थानीय लोग, जो कथित तौर पर हाईवे खाली कराने की मांग को लेकर यहां जुटे थे. इसी दौरान की एक तस्वीर सामने आती है. तस्वीर देखिए.
तस्वीर की तारीख़ - 29 जनवरी 2021.
अलीपुर के SHO पर तलवार ताने युवक. जगह- सिंघु बॉर्डर. तारीख़- 29 जनवरी. (फोटो- ANI)ANI के मुताबिक तस्वीर में अपना बचाव करते दिख रहे ये पुलिसकर्मी हैं अलीपुर थाने के SHO प्रदीप पालीवाल. जिन पर एक प्रदर्शनकारी ने तलवार से हमला कर दिया. इसमें SHO पालीवाल घायल भी हुए. आरोप है कि इसके बाद पुलिसवालों ने इस प्रदर्शनकारी को जमकर पीटा. उसके चेहरे पर अपना जूता तक रख दिया.
इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसी प्रदर्शनकारी युवक को 'पंजाबी जॉर्ज फ्लॉएड' कहा जा रहा है.कौन है ये युवक? दिल्ली पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक- युवक की पहचान पंजाब के नवांशहर के रहने वाले 22 साल के रंजीत सिंह के तौर पर हुई है. युवक को जमकर पीटने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ ही 43 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो 29 तारीख़ की झड़प में शामिल थे. पुलिस ने रंजीत सिंह को कृपाण के साथ गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ जान से मारने की कोशिश समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
किसानों का आरोप है कि 29 जनवरी को जब किसान प्रदर्शनकारी और स्थानीय प्रदर्शनकारी भिड़े तो पुलिस ने स्थानीय भीड़ का साथ दिया. इसी बीच गुस्साए रंजीत सिंह ने पुलिसवाले के खिलाफ तलवार निकाल ली. इसी के बाद पूरा घटनाक्रम हुआ. #Punjabi_GeorgeFloyd जिस तरह रंजीत सिंह के चेहरे पर जूता रखकर पुलिस उसे पीट रही है, उसने अमेरिका की जॉर्ज फ्लॉएड वाली घटना की याद दिला दी. जॉर्ज एक अश्वेत व्यक्ति थे, जिनको जाली नोट चलाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया, 25 मई 2020 को. गिरफ्तारी के फौरन बाद एक अफसर ने उन्हें ज़मीन पर पटक कर गर्दन पर घुटना रख दिया था, जबकि जॉर्ज ने गिरफ्तारी का विरोध नहीं किया था. गर्दन दबने की वजह से वो सांस न ले सके और उनकी मौत हो गई.
कुछ इसी तरह रंजीत सिंह को पीटा गया. उनकी फोटो या हैशटैग के साथ तमाम लोगों ने ट्वीट किए. देखते जाइए.
https://twitter.com/RahulGandhi/status/1355480295189868547
— All About Sikhism (@AllAboutSikhism) January 30, 2021
"I can't breathe" Mark this date, as it serves as a landmark to the beginning of a Fascist Government. If you were vocal during BLM and are quite now, YOU are part of the problem. Also- 7 HUMAN RIGHTS violations have been made by India in the last 48 hours.#Punjabi_GeorgeFloyd
— Rakshit Gupta (@thershit28) January 30, 2021
pic.twitter.com/j8JJRITrBI
#blacklivesmatter
Modi government in Delhi India, Crushing farmers with state machinery.#farmerslivlihoodmatters
agree... what about these lives at #FarmersProtest
?? Do they matter??
#SikhLivesMatter
#Punjabi_GeorgeFloyd
#ModiPlanningFarmerGenocide
pic.twitter.com/EWW5Ympi5g
— ਜਸ ਕੌਰ Jas Kaur (@JasKaur99852034) January 30, 2021
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने दो दिन पहले ही कहा था कि 26 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने काफी संयम और शांति से काम लिया. इस बात पर उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 3-4 बार ज़ोर दिया. लेकिन अब रंजीत सिंह की पिटाई की ये तस्वीरें संयम और शांति के इन दावों पर भी सवाल उठा रही हैं. यकीनन अगर कोई पुलिस पर या किसी आम इंसान पर भी हमला करे तो उसे सज़ा मिलनी चाहिए. लेकिन कानून के मुताबिक. आज 30 जनवरी है. महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है. बापू ने कहा था - आंख के बदले आंख, सारी दुनिया अंधी हो जाएगी.

