चार महीने का एक बच्चा. बदमाश उसे मां से छीन ले गए. 15 घंटे तक बच्चा किडनैपरों केचंगुल में रोता रहा. उसे गोद भी नसीब हुई तो एक पुलिसवाले की. रोता हुआ बच्चा जबपुलिसवाले की गोद में आया, तो उसकी आंखों में चमक थी और होठों पर ऐसी मुस्कान कि उसमुस्कान के लिए सबकुछ कुर्बान करने को जी चाहे. ये फोटो हैदराबाद की है. फोटो मेंमुस्कुराते हुए दिख रहे हैं नामपल्ली थाने के एसएचओ आर संजय कुमार. उनकी गोद में जोबच्चा है उसका नाम है फैजान. ये तस्वीर आईपीएस अधिकारी स्वाती लकड़ा ने 5 अक्टूबरको ट्विटर पर शेयर की थी. इसे अब तक 4500 लोग रिट्वीट कर चुके हैं और 18000 लोगोंने इसे लाइक किया है.Inspector Sanjay Kumar @shonampally rescued this child who was kidnapped. Thesmile of the child says it all. Love this pic! @hydcitypolicepic.twitter.com/zA1jZ2QGMx— Swati Lakra, IPS (@AddlCPCrimesHyd) October 7, 2017 आर संजय कुमार बताते हैंबच्चा रो रहा था. जैसे ही मैने उसे अपनी गोद में उठाया, वो बिल्कुल ही चुप हो गया.उसने खुली आंखों से मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा उठा. मेरे भी होठों पर मुस्कान आ गई.ये तस्वीर भले ही किसी ने कैमरे में कैद कर ली हो, लेकिन ये मेरे दिमाग में हमेशाके लिए बैठ गई है. संजय कहते हैं बच्चे की मुस्कान और मां की खुशियों के आंसू नेपुलिस की सारी थकान उतार दी. जब बच्चे को बचाया गया, तो वो रहा था. जब वो अपनी मांकी गोद में गया, तब भी वो रो रहा था. उसी वक्त मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और वोचुप हो गया. उसने मेरी तरफ देखा. उसके चेहरे पर ऐसी मुस्कान थी, जो मैंने अपनी लाइफमें आजतक नहीं देखी है. उस वक्त की खुशी को मैं शब्दों में जाहिर भी नहीं कर सकताहूं. बच्चे को बेचने की योजना बना रहे थे बदमाशनामपल्ली इलाके में फैजान अपनी मां के साथ सड़क किनारे सो रहा था. 4 अक्टूबर को देररात 3 बजे कुछ लोगों ने उसे सोते समय ही किडनैप कर लिया. फैजान की मां हुमेरा बेगमजब जगीं, तो बच्चा उनके पास नहीं था. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिसतुरंत ही हरकत में आई और 15 घंटे के अंदर बच्चे को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया.पुलिस के मुताबिक दो बदमाशों मोहम्मद मुश्ताक और मोहम्मद यूसूफ को गिरफ्तार कियागया है, जो बच्चे को बेचने की योजना बना रहे थे.खरीदार ने मना किया, तो पकड़े गएपुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुश्ताक और यूसूफ की शिनाख्त की. लोकललोगों ने बताया कि मुश्ताक रिक्शा चलाता है और निलोफर चिल्ड्रल अस्पताल के आस-पासपाया जाता है. यूसूफ उसका दोस्त है, जो आगापुरा में दरगाह के पास रहता है. पुलिस नेदोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि मुश्ताक के रिश्तेदार मोहम्मद गौस कोकई बच्च नहीं था. वो किसी बच्चे को गोद लेना चाहते थे. मुश्ताक ने उन्हें बताया किवो एक ऐसा बच्चा दे सकता है, जिसके माता-पिता बेहद गरीब हैं और जिन्हें पैसे कीजरूरत है. इसके बाद मुश्ताक ने बच्चे का अपहरण कर लिया. जब 5 तारीख की सुबह 5.30बजे मुश्ताक बच्चा देने पहुंचा, तो मोहम्मद गौस ने बच्चे के माता-पिता से मिलवानेको कहा. न मिलवाने की स्थिति में गौस ने बच्चा लेने से मना कर दिया. बच्चे को बेचनेमें नाकाम दोनों बदमाश शाम को बच्चे के साथ दरगाह पहुंचे तो पुलिस टीम दोनों काइंतजार कर रही थी. Nampally police arrested 2 child kidnappers MD Mustaq & MDYousuf n Traced 4 months baby boy with in 15 hours and handed over to parentspic.twitter.com/tmKegzBOkG — SHO NAMPALLY (@shonampally) October 5, 2017पुलिसवालों के लिए अधिकांश लोगों में इज्जत कम और डर ज्यादा होता है. इसकी कुछवजहें भी रहीं हैं. पुलिसवालों की जब भी फोटो वायरल होती है, तो किसी को डंडे मारतेहुए होती है, थर्ड डिग्री का टॉर्चर देते हुए होती है या फिर ऐसी होती है कि जिसेदेखकर आम आदमी की रूह कांप जाती है. चंद अपवाद छोड़ दें, तो हमें पुलिस का अमानवीयचेहरा ही याद रहता है. हम भूल जाते हैं कि पुलिसवाले भी हमारे जैसे ही हैं, जिनकेपास एक धड़कता हुआ दिल होता है. वो प्यार करना भी जानता है, गुस्सा करना भी. वोअपनी फर्ज अदायगी भी जानता है और बदमाशों के मन में दहशत पैदा करने का हुनर भी उसकेपास है. ऐसे में ये तस्वीर पुलिसवालों के लिए मन में इज्जत बढ़ाने के साथ हीदिलो-दिमाग को सुकून पहुंचाने वाली भी है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: वीरप्पन को मारने वाले के विजय कुमार ने बताया, पुलिसवाले क्यों लगातेहैं काला चश्मा? मध्यप्रदेश: क्या सच में किसानों के कपड़े उतरवाकर उन्हें पीटागया? दिल्ली के थाने में लगा राधे मां का दरबार, SHO और पुलिसवाले बने भक्त