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PG मेडिकल एडमिशन में नहीं मिलेगा ये आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया तुरंत हटाने का आदेश

PG Medical Domicile Supreme Court Judgement: PG मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए डोमिसाइल आधारित आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है. कोर्ट का कहना है कि ये संविधान का उल्लंघन है. ऐसा क्यों है? कोर्ट ने ये भी बताया है.

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पीजी मेडिकल एडमिशन में रिजर्वेशन के नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है | सांकेतिक तस्वीर: India Today
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सौरभ
29 जनवरी 2025 (Updated: 29 जनवरी 2025, 06:19 PM IST)
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अब PG मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए डोमिसाइल (निवास स्थान) के आधार पर आरक्षण नहीं मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इसे असंवैधानिक करार दिया और कहा कि यह समानता के अधिकार (Article 14) का उल्लंघन करता है. सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने साफ किया कि PG मेडिकल कोर्स में एडमिशन सिर्फ मेरिट के आधार पर होगा. हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यों में पहले से चला आ रहा डोमिसाइल आधारित आरक्षण, इस फैसले से प्रभावित नहीं होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा,

"PG मेडिकल कोर्स में निवास स्थान के आधार पर आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है. हम सभी भारत के निवासी हैं. संविधान हमें किसी भी राज्य में रहने, वहां व्यापार करने और किसी भी शिक्षण संस्थान में एडमिशन लेने का अधिकार देता है."

इसके साथ अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि MBBS जैसे अंडर-ग्रेजुएट कोर्स में कुछ मामलों में डोमिसाइल कोटे की गुंजाइश हो सकती है, लेकिन PG मेडिकल कोर्स में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने कहा-

"PG मेडिकल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार किए जाते हैं. इसलिए उच्च स्तर की शिक्षा में केवल मेरिट आधारित चयन ही होना चाहिए. निवास स्थान के आधार पर आरक्षण देना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा."

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले पर लगी मुहर

यह मामला 2019 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले से जुड़ा था. तब चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में PG एडमिशन को लेकर हाईकोर्ट ने डोमिसाइल रिजर्वेशन को अमान्य करार दिया था. इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए साफ कर दिया है कि PG मेडिकल कोर्स में सिर्फ मेरिट चलेगी, न कि डोमिसाइल कोटा.

अब राज्यों को PG मेडिकल कोर्स में एडमिशन की नीतियों को दोबारा बनाना होगा. कई राज्यों में अब तक PG मेडिकल सीटों पर डोमिसाइल कोटे के तहत आरक्षण दिया जाता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब केवल मेरिट ही एकमात्र आधार होगा.

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