देश भर के पेट्रोल पम्प डीलरों ने आज से कार्ड के ज़रिए पेमेंट ना लेने का अपनाफैसला फिलहाल के लिए वापस ले लिया है. कल शाम को देश की कुछ पेट्रोल डीलर्सअसोसिएशनों ने बयान जारी कर के कहा था कि वे 1 फ़ीसदी की दर से लगने वाले मर्चेंटडिस्काउंट रेट (MDR) के खिलाफ हैं. इस से होने वाले नुकसान के चलते उन्होंने कार्डसे पेमेंट लेने पर रोक लगाने का मन बना लिया था. ये रोक MDR वाला फैसला वापस लिएजाने तक जारी रहने वाली थी. लेकिन देर शाम सरकार ने दखल दिया और पेट्रोल डीलर्स कोभरोसा दिलाया कि 13 तारीख तक MDR नहीं लगेगा. इसके बाद पेट्रोल डीलर्स ने कदम पीछेखींचे. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बयान जरी कर के कहा कि सरकार तेलकंपनियों, डीलरों और बैंकों से तालमेल बिठा कर जल्द कुछ रास्ता निकालेगी. तेलकंपनियां कुछ सब्सिडी दे रही हैं. कल शाम तक का हाल:सरकार देश को कैशलेस इकॉनमी बनाने कोशिश कर रही है, उसे इस फैसले से एक तगड़ा झटकालग सकता था. नोटबंदी के बाद एक और मुसीबत. जहां नोटबंदी के बाद पेट्रोल पंप सहाराबने थे. अब कैश न होने की हालत में मुसीबत बन जाने वाले थे.पेट्रोल पम्प मालिकों का कहना था कि शनिवार को उन्हें बैंकों की ओर से मैसेज मिलाकि किसी भी कार्ड से पेमेंट पर 1 फ़ीसद का ट्रांजेक्शन चार्ज (मर्चेंट डिस्काउंटरेट) लगेगा. इस से उन्हें दोगुना नुकसान होगा. इसलिए पेट्रोल पंप मालिकों ने येफैसला वापस होने तक कार्ड से पेमेंट नहीं लेने का फरमान सुना दिया था. हैरानी कीबात ये है कि पेट्रोल पंपों पर कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कुछ हीदिन पहले हर ट्रांजेक्शन पर 0.75 % का कैशबैक देने का ऐलान किया था. ऐसे में बैंकोंका नए सरचार्ज का ऐलान समझ से बाहर था.सिंबॉलिक इमेजकार्ड्स से पेमेंट न लेने का फैसला कर्नाटक और तमिलनाडु के पम्प मालिकों की ओर सेआया था. लेकिन टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर थी कि आल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशनके अध्यक्ष अजय बंसल ने ये कहा कि 'सभी पम्प मालिक' इस फैसले के समर्थन में थे.किसी देशव्यापी फैसले की खबर कल शाम तक नहीं थी. लेकिन सरकार के माथे पर बल पड़नेज़रूर शुरू हो गए थे क्योंकि हफ्ते के पहले दिन लोगों का मूड खराब होता तो दोष उसीपर आता.अजय बंसल का कहना था, 'हमें एचडीएफसी और अन्य बैंकों से सूचना मिली है कि क्रेडिटकार्ड से ट्रांजेक्शन पर एक फीसदी और सभी डेबिट कार्ड पर 0.25 से 1 फीसदी चार्जवसूल किया जाएगा. यह चार्ज 9 जनवरी 2017 से लगेगा. हमारा मुनाफा हर एक किलोलीटर परफिक्स होता है. हम इस चार्ज को नहीं झेल सकते. इससे डीलर्स को नुकसान होगा.' बंसलने ये भी कहा कि हर बैंक हर एक ट्रांजेक्शन पर एक फीसदी लेवी काटेंगे तो पेट्रोलडीलर्स कहां जाएंगे.