वो तीन कारण, जिनकी वजह से कम हो गए तेल के दाम
इतने कम कि 18 महीने में सबसे नीचे आ गए हैं.
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27 दिसंबर को तेल के दाम पिछले 18 महीने में सबसे कम थे.
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# 4 अक्टूबर, 2018. देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम था 84 रुपये प्रति लीटर. ये दाम पिछले 18 महीनों में सबसे ज्यादा था.
# 27 दिसंबर, 2018. देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम था 69.79 रुपये प्रति लीटर. ये दाम पिछले 18 महीनों में सबसे कम था.
करीब ढाई महीने के दौरान कुल 14.21 रुपये की कमी आई है पेट्रोल के दाम में. तेल के दाम में इस कमी की वजह राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हैं.
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कमी आई है.
पिछले ढाई महीने के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कमी आई है. 4 अक्टूबर को जब दिल्ली में तेल के दाम 84 रुपये प्रति लीटर थे, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 84 डॉलर प्रति बैरल थे. 27 दिसंबर, 2018 को जब दिल्ली में तेल के दाम 69.79 रुपये थे, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम 58 डॉलर प्रति बैरल थे.
2. लीबिया में खुला नया ऑयल फील्ड

लीबिया में नया ऑयल फील्ड खुल गया है, जिसकी वजह से तेल का उत्पादन बढ़ गया है और दाम कम हो गए हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ गया है. लीबिया जैसे तेल उत्पादक देश में उत्पादन बढ़ा है, जिससे बाजार में कच्चे तेल की मात्रा बढ़ गई है. ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि लीबिया में नया ऑयल फिल्ड खुल गया है और इसी वजह से तेल की कीमत में कमी आई है. इसके अलावा अमेरिका और रूस ने भी तेल का उत्पादन घटा दिया है.
3. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम हुई मांग

भारत की एक पेट्रोल रिफाइनरी की तस्वीर.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम कम हुए हैं और तेल की मात्रा बढ़ गई है. वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थोड़ी-बहुत मंदी भी दिख रही है, जिसकी वजह से तेल की मांग कम हो गई है. इसके अलावा देश में डॉलर के मुकाबले रुपये की भी स्थिति मज़बूत हुई है और भारत में तेल के दाम अब कम हो गए हैं.
# 27 दिसंबर, 2018. देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम था 69.79 रुपये प्रति लीटर. ये दाम पिछले 18 महीनों में सबसे कम था.
करीब ढाई महीने के दौरान कुल 14.21 रुपये की कमी आई है पेट्रोल के दाम में. तेल के दाम में इस कमी की वजह राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हैं.
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कमी आई है.
पिछले ढाई महीने के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कमी आई है. 4 अक्टूबर को जब दिल्ली में तेल के दाम 84 रुपये प्रति लीटर थे, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 84 डॉलर प्रति बैरल थे. 27 दिसंबर, 2018 को जब दिल्ली में तेल के दाम 69.79 रुपये थे, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम 58 डॉलर प्रति बैरल थे.
2. लीबिया में खुला नया ऑयल फील्ड

लीबिया में नया ऑयल फील्ड खुल गया है, जिसकी वजह से तेल का उत्पादन बढ़ गया है और दाम कम हो गए हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ गया है. लीबिया जैसे तेल उत्पादक देश में उत्पादन बढ़ा है, जिससे बाजार में कच्चे तेल की मात्रा बढ़ गई है. ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि लीबिया में नया ऑयल फिल्ड खुल गया है और इसी वजह से तेल की कीमत में कमी आई है. इसके अलावा अमेरिका और रूस ने भी तेल का उत्पादन घटा दिया है.
3. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम हुई मांग

भारत की एक पेट्रोल रिफाइनरी की तस्वीर.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम कम हुए हैं और तेल की मात्रा बढ़ गई है. वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थोड़ी-बहुत मंदी भी दिख रही है, जिसकी वजह से तेल की मांग कम हो गई है. इसके अलावा देश में डॉलर के मुकाबले रुपये की भी स्थिति मज़बूत हुई है और भारत में तेल के दाम अब कम हो गए हैं.
