जब 4 दिनों बाद मलबे में जिंदा मिला 10 दिन का नवजात, तुर्की भूकंप की ये कहानियां रुला देंगी
तुर्की-सीरिया में भूकंप आए 5 दिन हो गए हैं, मलबे में जारी है जिंदगी की तलाश.

6 फरवरी को तुर्की हिल गया. भूकंप और उसके बाद आते गए झटकों के कारण यहां भारी तबाही हुई. तुर्की-सीरिया में आए भूकंप में जान गंवाने वालों की संख्या 24 हजार के पार चली गई है. और बहुत से लोगों का अभी भी कुछ पता नहीं चला है. इस भूकंप में न जाने कितने घर, मॉल, कई मंजिले की इमारतें और ऑफिस धूल और मलबे में तब्दील हो गए. इस तबाही के बाद से ही बचाव अभियान जारी है. 5 दिन बीत गए हैं, बचावकर्मी मलबे में जिंदगी तलाश रहे हैं और उनकी ये कोशिश एक आस दे रही है. आस, कि शायद मलबे में कोई सांस चल रही हो.
मलबे में मिला 10 दिन का नवजाततुर्की-सीरिया से सामने आई तबाही की कई तस्वीरें सामने आई हैं. डराने वाली, रुलाने वाली, दुःखी कर देने वाली. लेकिन इस बीच कई तस्वीरें ऐसी भी आई हैं, जो आंखों में खुशी के आंसू और जिंदगी की चमक दे जाएं. चमकीले थर्मल कंबल में लिपटा एक नवजात. सिर्फ 10 दिन का. नाम है यागिज़ उल्स. जिसे लगभग चार दिन बाद मलबे में निकाल कर बचाया गया है.
हाते के दक्षिणी प्रांत में 10 दिन के उस नवजात और उसकी मां को भूकंप के 90 घंटे बाद जिंदा निकाला गया. बचावकर्मियों ने सावधानी से उस 10 दिन के नवजात को निकाला और थर्मल कंबल में लपेटा. नवजात की मां को भी निकालकर स्ट्रेचर पर लेटाया गया. नवजात को इलाज के लिए समन्दाग शहर के एक मेडिकल सेंटर में ले जाया गया है.
2 साल के बच्चे को यूं बचायाइस तरह से तबाही का शिकार हुए कई जगहों से लोगों को बचाकर निकाला गया है. हाते प्रांत के इस्केंडरन में एक इमारत के मलबे से एक ही परिवार के 6 लोगों को जिंदा निकाला गया. वे 101 घंटे से मलबे में फंसे हुए थे.
इस्केंडरन के पास नूरदागी शहर में एक स्पेनिश बचावकर्मी ने 2 साल के बच्चे को मलबे से निकालते हुए कहा, “I got him, I got him, let's go”. इसके बाद स्पेनिश मिलिट्री इमरजेंसी यूनिट के सैनिकों की टीम ने बच्चे को एक गर्म टेंट में ले जाने के लिए ह्यूमन चेन बनाया और उसे सुरक्षित टेंट में पहुंचाया. इसके बाद उसकी 6 साल की बहन एलिफ और उनकी मां को भी बचाकर बाहर निकाला गया.
मलबे के ढेर से निकाले गए 3 बच्चेतुर्की के मारस (Kahramanmaras) में एक कई मंजिले की इमारत के मलबे से 5 दिन बाद 3 बच्चों को जिंदा निकाला गया है. बच्चे मलबे में बिना खाने और पानी के भीषण ठंड में फंसे हुए थे. ग्राउंड पर पहुंचे आजतक के गौरव सावंत ने बताया कि बचावकर्मियों को मलबे के नीचे हलचल दिखी और वे तुरंत बचाव में जुट गए. डॉक्टर प्राथमिक उपचार के लिए एंबुलेंस के साथ तैयार थे. बच्चों को आसानी से हॉस्पिटल तक पहुंचाने के लिए पुलिस खड़ी थी. इमरजेंसी वर्कर और कई लोग तब तक वहां खड़े रहे, जब तक कि उन बच्चों सुरक्षित निकाल नहीं लिया गया.
तुर्की में भूकंप से बुरी तरह प्रभावित शहरों में से एक मारस शहर में 100 से अधिक मौतें हुई हैं जबकि हजार से ज्यादा लोग लापता हैं. यहां के फुटबॉल स्टेडियम को पुनर्वास केंद्र में बदल दिया गया है. यहां हजारों की संख्या में विस्थापितों को रखा गया है. भूकंप की मार झेल रहे तुर्की और सीरिया की मदद के लिए कई देश आगे आए हैं. भारत ने मेडिकल टीम के साथ ही NDRF की टीमें भी तुर्की भेजी हैं.
वीडियो: तुर्की और सीरिया में आए भूकंप के बीच से आईं इन 6 कहानियों को सुनकर दिल पिघल जाएगा

.webp?width=60)

