एलियन या उड़न तश्तरी के बारे में तो आपने सुना ही होगा. कई बार उड़न तश्तरी यानीयूएफओ (अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट) के देखे जाने का भी दावा किया जाता रहा है.हालांकि, इन दावों में कितनी सच्चाई है, ये हम नहीं जानते हैं. लेकिन इन उड़नतश्तरियों को लेकर एक अपडेट है. अमेरिका रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने सोमवारको यूएफओ के तीन वीडियो जारी किए हैं. उनका कहना है कि इसे नेवी के पायलटों ने हीरिकॉर्ड किया था. नेवादा के पूर्व सीनेट डेमोक्रेटिक नेता हैरी रीड ने भी इसे ट्वीटकिया है.I’m glad the Pentagon is finally releasing this footage, but it only scratchesthe surface of research and materials available. The U.S. needs to take aserious, scientific look at this and any potential national securityimplications. The American people deserve to be informed.https://t.co/1XNduvmP0u— Senator Harry Reid (@SenatorReid) April 27, 2020 पहले ही लीक हो चुका है वीडियोहालांकि जो वीडियो अमेरिकी रक्षा विभाग ने जारी किया है, वो पहले ही लीक हो चुकाहै. अब ऑफिशियली इनकी सत्यता की पुष्टि की गयी है. इन वीडियों में से एक को 2004में और बाकी दो को 2015 में अमेरिकी नेवी पायलटों ने रिकॉर्ड किया था. पेंटागन कीवेबसाइट के मुताबिक, ये वीडियो लोगों के बीच किसी तरह के भ्रम को दूर करने के लिएजारी किए गए हैं. रक्षा विभाग ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा, यूएफओ से जुड़ीतस्वीरों की गहन समीक्षा के बाद किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करने के लिएइन्हें जारी किया गया है. इन वीडियो के अधिकृत रिलीज से किसी प्रकार की संवेदनशीलजानकारी सार्वजनिक नहीं होगी और यूएफओ के सैन्य वायु क्षेत्र में घुसपैठ की जांचपर असर नहीं होगा. यूएफओ देखे जाने की पहली घटना 2004 में पैसिफिक ओशियन में हुईथी, जिसका वीडियो लीक हो गया था. एक नेवी के पायलट ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' को बतायाथा कि करीब 40 फुट लंबा ऑब्जेक्ट पहले पानी पर मंडराता रहा, फिर तेजी से निकल गया.यूएफओ के दो और वीडियो 2015 में आए.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें: डॉनल्ड ट्रंप ने अल-बगदादी के गिड़गिड़ाने की जो कहानी सुनाई,पेंटागन को पता ही नहीं