डियर Paytm, 100 की नोट के लिए बैंक की लाइन में खड़ा होना कोई ड्रामा नहीं है
ऐड बनाया और मुंह की खानी पड़ी.
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फोटो - thelallantop
देश में नोट गायब हैं. 500 और हज़ार के. काफी वक़्त हुआ छुट्टा देखे. पैसा कम खर्च हो रहा है क्यूंकि है ही नहीं. अब जो चीज नहीं है, उसे खर्च करने का सवाल ही नहीं पैदा होता. अब ऐसे माहौल में ऐसे लोग भी हैं, जो इस बात को एक अवसर के रूप में देख रहे थे. पेटीएम ऐसी ही एक कंपनी थी. बिना पैसा दिए ये चीज़ें करवा लेती है. मोबाइल ऐप है. डेस्कटॉप पर भी चलती है.
पेटीएम को मालूम था कि ये नोटबंदी का मामला उनके लिए अच्छा प्रॉफिट लेकर आएगा. लिहाज़ा अपना ऐड शुरू कर दिया. सबसे पहले दिन तो मोदी जी की तस्वीर के साथ पेपर में ऐड छपवा दिया. उसके बाद आनन-फानन में एक ऐड बनाया. यूट्यूब पर सटा दिया. बवाल हो गया. उनमें एक घर पर काम करने वाली के बारे में घर की एक महिला बता रही थी. कह रही थी कि बाकी सब तो होगा, लेकिन अभी इसको पैसे देने हैं. देश में नोट्स ऐसे ही बंद हो गए. नहीं हमारे बारे में सोचा तो उन लोगों के बारे में सोचना चाहिए. 'उन लोगों' से मतलब था वो जो घर में काम करने वाली थीं. उन्हें पैसे कैसे दिए जाते? तब तक वो खुद उनके पास आती हैं और कहती हैं, "दीदी, ड्रामा नहीं, पेटीएम करो."
https://www.youtube.com/watch?v=P04F3Fa5mEc
अब हुआ ये कि लोगों को ये अपनी तौहीन मालूम देने लगी. उन्हें लगा कि ऐड कह रहा है कि जो भी लाइन में लग के पैसा निकाल रहा है और चिक-चिक झेल रहा है वो ड्रामा कर रहा है. वही, भावनाएं आहत होने वाली बात. खूब हो-हल्ला हुआ. लोग ऐप को अपने फ़ोन से हटाने की धमकी भी देने लगे. तब ऐड वापस ले लिया गया. वापस क्या, डिलीट कर दिया गया. फिर नया ऐड आया. इसमें काम करने वाली आंटी वो नहीं कहती हैं. इस बार वो जो कहती हैं, यहां देखिये:
https://twitter.com/Paytm/status/798018690327412736
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