अब बिना स्मार्टफोन या इंटरनेट कनेक्शन के भी 200 रुपये तक का कैशलेस भुगतान कियाजा सकेगा. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में डिजिटलट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल यह पहल की थी. सोमवार 3 जनवरी को इसकाफ्रेमवर्क जारी करते हुए नियमों को मंजूरी दे दी गई. योजना के तहत एक बार मेंअधिकतम 200 रुपये का ही पेमेंट हो सकेगा. वह भी अधिक से अधिक 2000 रुपये तक. एकडिवाइस पर ऑफलाइन मोड में कुल 2000 रुपये से ज्यादा का भुगतान करने के लिए कम से कमएक बार ऑनलाइन मोड में जाकर बैलेंस भरवाना होगा. RBI की ओर से स्कीम का फ्रेमवर्क(Framework for facilitating small value digital payments in offline mode) जारीकरते हुए बताया गया कि सितंबर 2020 से जुलाई 2021 के बीच देश के कुछ इलाकों मेंइसकी टेस्टिंग की गई थी. उससे मिले रेस्पॉन्स के बाद 6 अगस्त को इस पायलट स्कीम कोमंजूरी दी गई थी. RBI के मुताबिक छोटी वैल्यू के ऑफलाइन भुगतान को संभव बनाने औरइसके लिए तकनीक विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है. आने वाले समय में इसे अधिकसशक्त बनाया जा सकेगा. स्कीम का मकसद फीचर फोन रखने वाले ग्रामीण लोगों या बिनाइंटरनेट या कमजोर कनेक्टिविटी वाले इलाकों में डिजिटल पेमेंट की सुविधा दिलाना है.स्कीम के तहत ऑफलाइन मोड में कार्ड, वॉलेट और मोबाइल से आमने-सामने भुगतान किया जासकता है. यानी इस दौरान भुगतान देने वाले और लेने वाले की मौजूदगी जरूरी होगी. इसकेलिए किसी विशेष ऑथेंटिकेशन (Additional Factor of Authentication-AFA) की जरूरतनहीं होगी. पेमेंट ऑफलाइन होने के चलते इसका कन्फर्मेशन अलर्ट थोड़ी देरी सेमिलेगा. हालांकि आरबीआई इसके लिए आगे नियमों में समय समय पर बदलाव कर सकता है. इसतरह के भुगतान में पैदा होने वाले विवादों या शिकायतों के लिए लोग आरबीआई कीइंटिग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम की मदद भी ले सकते हैं.