'बदनाम करने के लिए इंडिया ने रचा पठानकोट अटैक का ड्रामा'
पाकिस्तान के JIT अधिकारियों ने वहां जाकर पलटी मार दी है.
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इतनी खुशी...
पठानकोट अटैक में हमारे 7 जवान शहीद हुए थे. शहीद निरंजन की बिटिया की तस्वीर देख आंखें नम सी हो गई थीं. हमारे और भी जवान शहीद हुए थे. लेकिन अगर पड़ोसी मुल्क की एक मैगजीन 'पाकिस्तान टुडे' की मानें, तो पठानकोट अटैक इंडिया का रचा हुआ ड्रामा था ताकि पाकिस्तान को बदनाम किया जा सके. रिपोर्ट में ये दावा इंडिया जांच करने आई जेआईटी के हवाले से किया गया है.
2 जनवरी 2016 को पठानकोट एयर बेस पर हमला हुआ था. अब पिछले हफ्ते पाकिस्तान से एक 'जॉइंट इंवेस्टिगेशन टीम' इंडिया आई. इस टीम में 5 सीनियर अधिकारी थे. इनमें से एक अधिकारी पकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी था. याद रहे कि पठानकोट अटैक के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ इंडिया पाकिस्तान को काफी सबूत दे चुका है. पीएम मोदी और नवाज शरीफ की बढ़ती दोस्ती के चलते पाकिस्तान ने इंडिया में JIT भेजी थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, JIT अधिकारियों ने कहा कि इंडिया इस बारे में कोई सबूत नहीं दे पाया, जिससे ये साबित हो कि आतंकवादी पाकिस्तान की तरफ से आए थे. इंडिया ने पठानकोट अटैक खुद रचा था ताकि पूरी दुनिया में ये संदेश दिया जा सके कि पाकिस्तान आंतकवादी गतिविधियों में शामिल है. JIT अधिकारियों ने इंडियन एंजेसी पर जांच में हेल्प नहीं करने का आरोप लगाया.बताओ, पीएम मोदी इस बात को लेकर इंडिया में घेरे जा रहे हैं कि JIT को इंडिया क्यों आने दिया. और अब पाकिस्तान ऐसे कर रहा है. छोटे में इसे हम बेमंटी कहते थे.


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