अच्छे रिश्ते 'गुप्त' हैं, FIR से मौलाना मसूद का नाम लुप्त है
बड़ा हल्ला मचा, पाकिस्तान में निष्पक्ष जांच होगी, ये होगा वो होगा, हुआ क्या ठिंगा!
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फोटो - thelallantop
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जब हमारे यहां पठानकोट में अटैक हुआ था. तो नवाज़ वाला पाकिस्तान बहुत शरीफ बना था. SIT बनी थी वहां जिसमें ISI के लोग भी थे. कहा गया था, जांच करेंगे. भारत ने सबूत भी दिए थे.
अजीत डोवाल ने भर-भर सबूत भिजवाए. वो वाला मोबाइल नंबर भी भिजवाया, जिस पर हमले के दौरान बात हुई थी. नवाज शरीफ बैठे. अफसरों के साथ मीटिंग की. और कहे जो आरोपी हैं उनके खिलाफ FIR करो. लगभग एक दर्ज़न लोग धरे भी गए.
पर जब FIR की बारी आई तो नतीजा लुडुस. जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है आतंकी मसूद अजहर का नाम शामिल नहीं है. जबकि मसूद अजहर इस हमले का मास्टरमाइंड है. ना ही इस मामले में अब तक उससे इंटरोगेशन हुई है.

