टीम इंडिया साल 2002 में इंग्लैंड के दौरे पर गई थी. वहां सीरीज के दूसरे टेस्ट मेंएक 17 साल का लड़का स्टंप्स के पीछे खड़ा दिखा था. नाम पार्थिव पटेल. विकेटकीपरपार्थिव पटेल. 16 साल बाद भी ये खिलाड़ी साउथ अफ्रीका में विकेटकीपिंग करता दिखा.16 सालों में इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने महज़ 25 टेस्ट खेले हैं और 38 वनडे.पार्थिव पटेल का ये लंबा मगर बेहद अनिश्चित करियर इंडिया में महेंद्र सिंह धोनी परअति-निर्भरता और विकेटकीपिंग की तरफ उदासीन रवैए का नतीजा है. इंडिया ने साल 2002से 2019 तक अजय रात्रा, पार्थिव पटेल, राहुल द्रविड़ , दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंहधोनी, ऋद्धिमान साहा और नमन ओझा तक को आजमाया. पार्थिव इन 16 सालों तक टीम इंडियामें स्टेपनी बने रहे.9 मार्च 1985 को गुजरात के अहमदाबाद में पैदा हुए पार्थिव टेस्ट क्रिकेट के इतिहासमें सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले विकेट कीपर थे. विकेट के पीछे कमजोरप्रदर्शन के बावजूद वो टीम में बने भी रहे. कारण था कि इंडिया के पास ऑप्शन का नहोना.2004 का सिडनी टेस्ट स्टीव वॉ का आखिरी टेस्ट था.इस बीच पार्थिव पटेल की ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ को विकेट के पीछे से स्लेज करने कीएक कोशिश काफी पॉपुलर हुई थी. स्टीव का ये आखिरी टेस्ट था. सिडनी के मैदान पर येटेस्ट हो रहा था जिसमें वो स्टीव वॉ को उकसाने की कोशिश करते दिखे थे. स्टीव अपनेस्लॉग स्वीप के लिए जाने जाते थे. और इसी को ध्यान में रखकर पीछे से पार्थिव नेअंग्रेजी में कहा था, 'अपना स्वीप शॉट खेल लो, फिर कहां मौका मिलेगा.' कुछ देर तकनजरांदाज करने के बाद जब स्टीव वॉ पलटे तो पार्थिव को कहा, 'कुछ तो इज्जत दो. जबमैंने टेस्ट में डेब्यू किया था, तब तुम नेपीज में थे.' ये सुनकर पार्थिव हंसे औरसोच में पड़ गए कि सही में स्टीव वॉ ने 1985 में डेब्यू किया था. और उसी साल वोपैदा हुए थे.IPL ने पार्थिव पटेल के करियर में नई जान डाली Lr.अपने करियर में ऑन एंड ऑफ रहने के साथ एक अरसे बाद पार्थिव पटेल को 2015 IPL मेंबेहतरीन फॉर्म में देखा गया. मुंबई इंडियन्स के लिए खेलते हुए पार्थिव ने 339 रनमारे थे और उस सीजन मुंबई चैंपियन भी बना था. उसी साल घरेलू क्रिकेट में भी गुजरातकी टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी पार्थिव पटेल के शतक से जीती थी.क़रीब एक दशक तक गुजरात की कप्तानी पार्थिव के हाथ में थी. घरेलू क्रिकेट मेंबेहतरीन प्रदर्शन के बाद फरवरी 2016 में पार्थिव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसीकी. वो भी पूरे चार साल बाद. धोनी के अनफिट होने के चलते पार्थिव को टीम में शामिलकिया गया.विकेट के पीछे अपने कमजोर प्रदर्शन से कई मौके हाथ से गंवाए हैं पार्थिव ने.फिर जब 2017 में इंग्लैंड की टीम भारत आई तो टेस्ट में ऋद्धिमान साहा के घायल होनेपर पार्थिव को बुलाया गया. इंग्लैंड के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज में पार्थिव 8 सालोंबाद टेस्ट क्रिकेट खेले. यहां मोहाली टेस्ट में पहली पारी में 42 और दूसरी मेंनाबाद 67 रन बनाए. वहीं चेन्नई में ओपनिंग करते हुए 71 रन बनाए. मगर कमजोरविकेटकीपिंग अभी भी पार्थिव के लिए आलोचना का सबब बनती रही.17 साल के पार्थिव ने 33 साल की उम्र में साल 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपनाआखिरी टेस्ट खेला. और फिर साल 2020 में उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया. आजकलपार्थिव IPL टीम मुंबई इंडियंस के साथ हैं. वह इस टीम के लिए टैलेंट स्काउटिंग करतेहैं.--------------------------------------------------------------------------------Also Readइन पांच क्रिकेटर्स को धोनी से ज्यादा सैलरी दे रहा है BCCIशमी की पत्नी ने अब जो बात कही है, वो सबसे ज़्यादा ख़तरनाक हैवो मैच जिसमें गलत फैसलों के चलते लोग अंपायर की जान के दुश्मन बन गए थेवीडियो भी देखिए: