'सरकार नौकरी देना ही नहीं चाहती, इसीलिए...', अखिलेश यादव ने पेपर लीक, EVM, अग्निवीर पर संसद में मोदी सरकार को घेर लिया
EVM पर सवाल उठाते हुए Akhilesh Yadav ने कहा कि हम UP में 80 की 80 सीटें भी जीत लें, तब भी EVM के ख़िलाफ़ ही रहेंगे.

2 जुलाई का दिन. मोदी सरकार (Modi Government) के तीसरे कार्यकाल का पहला संसद सत्र. इसका सातवां दिन. लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का मौक़ा. सबसे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बोलना शुरु किया. उन्होंने अग्निवीर योजना, पेपर लीक और चुनाव परिणाम समेत कई मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि देश के जागरूक मतदाताओं को धन्यवाद. उन्होंने लोकतंत्र को एकतंत्र होने से बचा लिया है. 4 जून को सांप्रदायिक राजनीति का अंत हुआ है.
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि हम बचपन से ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा’ सुनते आए हैं. अयोध्या की जीत ने इसे साबित भी कर दिया है. अयोध्या कि जनता और भगवान राम ने उन्हें हरा दिया है, जो कहते थे हम उनको लाए हैं. यही लोकतंत्र की असली जीत भी है. इस दौरान अखिलेश ने EVM पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा,
हम UP में 80 की 80 सीटें भी जीत जाएं, तो भी EVM के ख़िलाफ़ रहेंगे.
पेपर लीक पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि UP में हर परीक्षा का पेपर लीक हुआ है. जनता अब किसी के बहकावे में नहीं आने वाली है. पेपर लीक इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि सरकार नौकरी ही नहीं देना चाहती हैं. पेपर लीक की गारंटी कब लेंगे ये बताएं. ज़िम्मेदारी के साथ पेपर लीक पर जवाब देना ही होगा. यूपी में जितनी प्रतियोगी परीक्षाएं हुईं, सबके पेपर लीक हुए. देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा (NEET) का पेपर भी लीक हुआ है.
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गंगा की सफाई को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि बनारस के लोग क्योटो की फोटो लेकर उसे गंगाजी तक खोज रहे हैं. शायद गंगाजी जिस दिन साफ हो जाएंगी, उस दिन गंगाजी की गोद से क्योटो निकल आए. उन्होंने स्मार्ट सिटी को लेकर सरकार पर तंज किया और कहा कि बारिश की शुरुआत में ही नाव सड़कों पर आ गई है.
हालिया लोकसभा चुनाव नतीजों पर भी अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त का दिन देश की आज़ादी का दिन है. वहीं 4 जून सांप्रदायिक राजनीति से आज़ादी का दिन है. 2024 को लोकसभा चुनाव ने तोड़ने वाली राजनीति को ही तोड़ दिया. जोड़ने वाली राजनीति की इस चुनाव में जीत हुई है. अखिलेश ने आगे कहा,
हम मानते हैं कि संविधान ही संजीवनी है. संविधान की रक्षा करने वालों की जीत हुई है. ये देश किसी की व्यक्तिगत आकांक्षा से नहीं, जन-आकांक्षा से चलेगा. इसका मतलब अब देश में मनमर्जी नहीं, जनमर्जी चलेगी.
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए गावों की भी बात की. उन्होंने कहा कि पीएम ने कई गांवों को गोद लिया, लेकिन इन गांवों की तस्वीर नहीं बदली. गांवों की हालत आज भी वैसी ही है. कच्ची सड़कें, अचानक बिजली कटौती और गांवों में खाली सिलेंडरों का मिलना इनमें से कुछ मुद्दे हैं, जिनको एड्रेस किया जाना है. आरक्षण की बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि 'उपयुक्त नहीं पाए जाने' के नाम पर आरक्षण अधिकार छीने जा रहे हैं.
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