बजट सत्र: विपक्ष ने की हिंडनबर्ग-अडानी और बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर बहस की मांग, सरकार क्या बोली?
बैठक में सरकार का नेतृत्व कर रहे राजनाथ सिंह ने विपक्ष की मांगों पर क्या आश्वासन दिया?

मंगलवार, 31 जनवरी को बजट सेशन शुरू हो रहा है. विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से सवाल करने की तैयारी में है. इन मुद्दों में अडानी ग्रुप को लेकर अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट और गुजरात दंगों से जुड़ी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री शामिल हैं (Topics to be discussed in Budget Session). इन दोनों ही पर खूब विवाद देखने को मिला है. हिंडगबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर फ्रॉड करने के गंभीर आरोप लगाए. वहीं बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ने गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं.
बजट सेशन से पहले सोमवार, 30 जनवरी को सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार की तरफ से आश्वासन दिया कि वो नियमों के तहत हर मुद्दे पर बहस करने को तैयार है. मीटिंग में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल और वी मुरलीधरन भी शामिल हुए. बैठक में 27 पार्टियों के 37 नेता मौजूद रहे. इस दौरान विपक्ष ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री, महिला आरक्षण बिल, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की.
जानते हैं कौन सी पार्टी किन मुद्दों को उठाने की तैयारी में है. आजतक से जुड़े आशुतोष की रिपोर्ट के मुताबिक आम आदमी पार्टी (AAP) हिंडनबर्ग, सोनम वांगचुक, LG द्वारा दिल्ली सरकार के अधिकारों के हनन, महंगाई और बेरोजगारी पर चर्चा करने की तैयारी में है. TMC ने बेरोजगारी, महिला आरक्षण बिल महंगाई और बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर चर्चा की मांग की है.
सबसे बड़ा विपक्षी दल कांग्रेस बैठक में शामिल नहीं हुआ. उसके नेता भारत जोड़ो यात्रा के समापन कार्यक्रम के लिए श्रीनगर में थे. हालांकि कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने ट्विटर पर अडानी पर लगे आरोपों की जांच की मांग की थी. RJD की तरफ से बीबीसी डॉक्यूमेंट्री, अडानी के खिलाफ आई रिपोर्ट, जातिगत जनगणना, महंगाई और बेरोजगारी पर चर्चा की मांग हो सकती है.
के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगी. जैसे LIC द्वारा अडानी में किए गए निवेश, सरकारी कंपनियों के निजीकरण, महिला आरक्षण, महंगाई और बेरोजगारी. शिवसेना हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार से सवाल करेगी. पार्टी महाराष्ट्र में निवेश, सरकारी परियोजनाओं, चीन की घुसपैठ का मुद्दा भी उठा सकती है.
वहीं जगन रेड्डी की पार्टी YSR सदन में जातिगत जनगणना का मुद्दा उठा सकती है. शिरोमणि अकाली दल (SAD) पंजाब में कानून व्यवस्था, किसानों की दुर्दशा के मुद्दे को संसद में रखेगी. SAD उन तमाम कैदियों की रिहाई की मांग भी करेगी जो कई दशकों से जेलों में सजा काट रहे हैं. उधर लेफ्ट पार्टियां बीबीसी डॉक्यूमेंट्री, हिंडनबर्ग रिपोर्ट और सरकार की आर्थिक नीतियों पर सरकार को घेरेंगी.
बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा,
सरकार नियमानुसार सभी मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है.
वहीं बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा,
सरकार हर चर्चा और विमर्श के लिए सदन में तैयार है. लेकिन क्या विपक्ष चर्चा चाहता है क्योंकि हंगामे से सिर्फ खर्चा हो सकता है चर्चा नहीं.
इस बजट सेशन में दो भागों में कुल 27 बैठकें होंगी. आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण के साथ पहले भाग की शुरुआत हो जाएगी. ये भाग 13 फरवरी को खत्म होगा. दूसरे भाग के लिए संसद 13 मार्च को फिर से शुरू होगी 6 अप्रैल तक चलेगी.
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