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नीरव मोदी की बहन ने इस शर्त पर 275 करोड़ भारत सरकार को देने की पेशकश की है!

पूर्वी मोदी के भी स्विस बैंक में अकाउंट्स हैं.

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नीरव मोदी और उसकी बहन पूर्वी. (फाइल फोटो- India Today)
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अभिषेक त्रिपाठी
15 अक्तूबर 2021 (Updated: 15 अक्तूबर 2021, 08:10 AM IST)
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पैंडोरा पेपर्स में नित नए खुलासे हो रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस अख़बार इस पर पड़ताल कर रहा है. अख़बार के सूत्रों को मुताबिक नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी ने पैंडोरा पेपर्स में नाम आने के बाद अपने स्विस बैंक अकाउंट में जमा करीब 275 करोड़ रुपये भारत सरकार को देने की पेशकश की है. पूर्वी मोदी के इस ऑफर पर भारत सरकार विचार कर रही है, जिसके तहत वो अपने अकाउंट्स की पूरी जानकारी देंगी. बदले में उन्हें सज़ा से आंशिक या पूर्ण माफी मिल सकती है. इंडियन एक्सप्रेस ने 4 अक्टूबर क खुलासा किया था कि जनवरी 2018 में जब नीरव मोदी भारत छोड़कर भागा था, उससे कुछ महीने पहले ही उसकी बहन पूर्वी ने ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में ब्रुकटन मैनेजमेंट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी. ये कंपनी उनकी सिंगापुर स्थित कंपनी के डिपॉज़िट ट्रस्ट के प्रोटेक्टर के तौर पर काम करती थी. यानी वो अपनी सिंगापुर की कंपनी का पैसा इस कंपनी में डायवर्ट करती थीं. हालांकि पूर्वी ने ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में जो डॉक्यूमेंट्स दिए हैं, उनमें कहा है कि ब्रुकटन कंपनी में जो भी पैसा जमा हुआ, वो उनकी निजी आय का था और उनकी तनख़्वाह का था. वो आय, जो उनको फायरस्टार नाम की फर्म की क्रिएटिव डायरेक्टर रहते हुए अर्जित की. फायरस्टार वही फर्म है, जिस पर झूठे लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग बनवाकर पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है. हालांकि पूर्वी मोदी के वकील ने इन सभी आरोपों को नकारते हुए कुछ भी कॉमेंट करने से फिलहाल इंकार कर दिया है. क्या है पैंडोरा पेपर्स? पैंडोरा पेपर्स लीक दस्तावेजों का पुलिंदा है. लगभग 1 करोड़ 20 लाख लीक दस्तावेज हैं. 117 देशों के 600 से ज्यादा पत्रकारों ने इन पेपर्स की जांच की है. इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) के तहत उन्होंने ऑफशोर कंपनी खोलने में मदद करने वाली 14 सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से जुड़े सोर्स से ये दस्तावेज जुटाए हैं. इन्हीं से पता चला है कि कैसे दुनिया के कई अमीर और शक्तिशाली लोग टैक्स बचाने के लिए अपनी संपत्ति छिपा रहे हैं. इस सूची में 380 भारतीयों के नाम भी हैं. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस सूची में से 60 प्रमुख कंपनियों और लोगों के नाम की पुष्टि की है. इन नामों में हालिया डेवलपमेंट ये है कि राजस्थान के दो बड़े शाही परिवारों के लोगों के नाम भी पैंडोरा पेपर्स की जांच में उजागर हुए हैं. एक हैं जोधपुर के पूर्व महाराजा गज सिंह और दूसरे उदयपुर के पूर्व महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़.

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