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  • Palestinian poet receives eight year sentence and 800 lashes from Saudi Arabian Court

कविताएं लिखने की सजा 8 साल कैद, 800 कोड़े

पहले तो गर्दन काटने वाले थे, फिर तय किया कि जान से नहीं मारेंगे.

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4 फ़रवरी 2016 (अपडेटेड: 4 फ़रवरी 2016, 07:15 AM IST)
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Source: Facebook
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फलस्तीन का कवि है अशरफ फयाद. नवंबर 2015 में उसे सजा मिली कि उसकी गर्दन कलम कर दी जाए. गुनाह ये था कि अशरफ नास्तिक कविताएं लिखता है. अशरफ पैदा तो सऊदी अरब में हुआ, पर मां-बाप फलस्तीन के थे. इसलिए अशरफ के पास किसी भी देश की नागरिकता नहीं है. उसकी पहचान के जो भी कागज हैं, इजिप्ट के बने हुए हैं. अशरफ सऊदी अरब के साहित्य और कला के एरिया में एक पॉपुलर नाम है. अशरफ तब से विवादों में फंसा, जब एक कैफे में किसी से बहस करते हुए उलझ पड़ा. माहौल गरमा गया. तब अशरफ को जेल भेज दिया गया था. बिना किसी इल्जाम के उसे छोड़ दिया गया था. पर कई औरतों के साथ अफेयर होने की वजह से अक्सर अशरफ का नाम न्यूज में रहा. फिर नास्तिक कविताएं लिखने के लिए उसे पकड़ लिया गया. पहले 4 साल की कैद और 800 कोड़ों की सजा हुई. फिर सजा को बढ़ा कर पब्लिक एग्जीक्यूशन यानी पब्लिक में गर्दन उड़ा देने की सजा मिली. अशरफ के वकील अब्दुरहमान-अल-लहीम ने फैसला बदलने की अपील की थी. जिसका फैसला मंगलवार को आया. और अशरफ की सजा 8 साल की कैद और 800 कोड़े कर दिए गए. इसके अलावा अशरफ को कविता लिखने को अलविदा कहना होगा. इससे पहले एक नास्तिक ब्लॉगर राईफ बदावी को सऊदी अदालत ने 10 साल की कैद और 1000 कोड़ों की सजा सुनाई थी.

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