पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाक पर हमला करवाएंगे ट्रंप
पढ़िए क्या हो रहा है पाक में.
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डोनाल्ड ट्रम्प और पाकिस्तानी मीडिया
रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति बन चुके हैं. नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में ट्रंप छाए हुए हैं. कुछ ऐसी ही स्थिति पाकिस्तानी मीडिया की भी है. पर वहां का माहौल बाकी जगहों से बिलकुल अलग है. पूरे पाकिस्तान में ट्रंप की विक्ट्री को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है. पाकिस्तानी मीडिया ट्रंप के जीतने की वजह से काफी टेंशन में है. क्योंकि जब से अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव शुरू हुआ था तब से ही डोनाल्ड ट्रंप भारत की वाहवाही कर रहे थे. वहीं पाकिस्तान को खूब खरी-खोटी सुनाई थी.
पाकिस्तानी प्रिंट मीडिया में कोहराम
पहले हम बात करते हैं पाकिस्तान के मेन स्ट्रीम प्रिंट मीडिया की. जिसमें डॉन, द न्यूज, डेली जंग, एक्सप्रेस ट्रिब्यून आते हैं. आज सुबह से ही ट्रंप लीड कर रहे थे. सबको लगभग पता चल गया था कि ट्रंप ही जीतेंगे. इन सभी न्यूज पेपर की वेबसाइट पर लगातार ऐसी न्यूज और कॉलम पब्लिश हो रहे थे, जिसमें ये लिखा जा रहा था कि ट्रंप की विक्ट्री दुनिया को थर्ड वर्ल्ड वॉर की ओर ले जाएगी. कुछ ने तो यहां तक लिखा कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका का वही हाल होगा जो 1990-91 में रूस के साथ हुआ था. मतलब की अमेरिका का भी विघटन हो जाएगा. किसी ने ट्रंप के आने से US में मंदी की बात कही है. किसी ने ये कॉलम लिखा है कि ट्रंप बलूचिस्तान के मुद्दे पर हिंदुस्तान के साथ मिलकर पाकिस्तान पर हमला कर सकते हैं.पाकिस्तानी न्यूज चैनल्स की हालत और बुरी है
अब बात करते हैं पाकिस्तानी न्यूज चैनल्स की. पाकिस्तानी न्यूज चैनल तो सुबह से ही रुदाली गता हुआ दिख रहा है. इन चैनल्स के एंकर्स और पैनलिस्ट ने मिलकर ऐसा माहौल तैयार किया है कि कोई भी आम पाकिस्तानी ट्रंप को अपना जानी-दुश्मन मान ले. आज मैं एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल को उसके वेबसाइट पर लाइव देख रहा था. उसे देखने के बाद ऐसा लग रहा था कि ट्रंप अमेरिका का राष्ट्रपति न बन गया हो, बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं पर किसी ने एटम बम छोड़ दिया हो. माने बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना. एंकर साहिबा फरमा रही हैं कि ट्रंप ने कहा था, "जब आऊंगा तो पाकिस्तान और मिडिल-ईस्ट के लोगों पर अमेरिका में बैन लगाऊंगा." और हमने देखा भी है कि टेक्सास में लोगों ने बंदूकें भी उठा ली थी मिडिल-ईस्ट के लोगों और पाकिस्तानियों के खिलाफ.” फिर उनकी डिबेट के एक पैनलिस्ट कह रहे हैं “ट्रंप का प्रेसिडेंट बनना पूरे वर्ल्ड के लिए एक ट्रेजडी है. अब आप देखेंगे कि अमेरिका से सभी ब्लैक और मुसलमानों को बाहर कर दिया जायेगा. उसी डिबेट में शामिल दूसरा पैनलिस्ट ‘9/11’ का चरस बोने लगा. कहा कि आप जल्द ही देखेंगे कि आने वाले वक्त में अमेरिकंस खुद ही ‘9/11’ जैसे अटैक करवाएंगे. और इसी बहाने पाकिस्तान पर हमला भी करेंगे. जैसे इससे पहले अफगानिस्तान और इराक में अमेरिका ने किया था. समझना मुश्किल है कि आखिर क्यों पाकिस्तान की आवाम और पाकिस्तान की मीडिया इस कदर ट्रंप की विक्ट्री से दहशत में है.ट्रंप ने पाकिस्तान को धमकाया था

ट्रंप अपने प्रचार के दौरान पाकिस्तान को कई दफे धमका चुके हैं. उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता भी जाहिर की थी. और कहा था कि "पाकिस्तान एक अस्थिर देश है. और वहां मौजूद परमाणु हथियारों से पूरी दुनिया को खतरा है. पाकिस्तान ने 9/11 के बाद कई बार धोखा दिया है. राष्ट्रपति बनने पर मैं पाकिस्तान को उसकी हर गलती के लिए सजा दूंगा. पाकिस्तान से निपटने के लिए भारत अमेरिका की मदद कर सकता है".
जब ट्रंप के इंटरव्यू पर बौखला गया था पाकिस्तान
पाकिस्तानी गृह मंत्री निसार अली खानपाकिस्तानी डॉक्टर शकील अफरीदी 2011 में एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमरीकी ऑपरेशन को मदद करने की वजह से पाकिस्तान के जेल में बंद हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर वो राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो पाकिस्तानी डॉक्टर को तत्काल वहां की जेल से रिहा करवाएंगे. डॉ अफरीदी ने ओसामा बिन लादेन तक अमरीका को पहुंचने में मदद की थी. इसी कारण उन्हें पाकिस्तान में 23 सालों की सजा मिली है. ट्रंप के इस बयान पर पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली खान ने कहा था कि “शकील अफरीदी की तकदीर का फैसला केवल पाकिस्तानी कोर्ट ही कर सकता है. और पाकिस्तान अमरीका का गुलाम नहीं है. अगर ट्रंप को ऐसा लगता है तो उन्हें इस गलतफहमी से बाहर निकलने की जरूरत है".

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