पाकिस्तान में हिंदू किसान की हत्या से उबाल, जमीयत-PTI संग हजारों लोग सड़कों पर उतरे
Pakistan Hindu Youth Killed: पाकिस्तान के बदीन जिले के SSP ने आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने का भरोसा दिया था. हालांकि, यह वादा पूरा ना होने पर पूरे जिले में लोगों का गुस्सा बढ़ गया.

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले में एक हिंदू युवक की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई. अल्पसंख्यक समुदाय के शख्स की हत्या से इलाके में भारी तनाव फैल गया. गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए, जिन्हें राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला. शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को पुलिस ने जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया. तब जाकर प्रदर्शनकारियों ने धरना खत्म किया. ये खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं चरम पर हैं.
आरोप है कि 4 जनवरी को पाकिस्तान के बदीन जिले के तलहर में एक प्रभावशाली जमींदार सरफराज निजामानी ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय से आने वाले कैलाश कोल्ही नाम के किसान की हत्या कर दी. इसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. इनमें पुरुषों के अलावा भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे. उन्होंने सरफराज निजामानी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने बदीन-हैदराबाद नेशनल हाईवे और बदीन-थार कोल रोड पर जाम कर दिया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया. सैकड़ों गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं. इससे आने-जाने वालों और यात्रियों को बहुत परेशानी हुई.
अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद’ के चेयरमैन शिवा काछी ने इस हत्या की कड़ी निंदा की. 9 जनवरी को उनके नाम से बने X हैंडल पर लिखा गया,
शहीद कैलाश कोल्ही के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए विरोध इतिहास बना रहा है. पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद के चेयरमैन शिवा काछी इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन को लीड कर रहे हैं. यह सिर्फ एक विरोध नहीं था. यह एक घायल जमीर की पुकार थी. सुबह 10 बजे से देर रात तक, यह धरना बिना रुके चलता रहा, जिससे साबित होता है कि इंसाफ की मांग को दबाया नहीं जा सकता.
आगे लिखा,
कातिलों को गिरफ्तार करो. थकान, भूख और रात की ठंड के बावजूद, प्रदर्शनकारियों का इरादा पक्का था. कैलाश कोल्ही का एकमात्र 'गुनाह' यह था कि वह गरीब था. हाशिए पर था और इतना हिम्मती था कि एक ऐसे सिस्टम में रह सके जो ताकतवर लोगों को बचाता है और कमजोरों को कुचलता है. उसके बच्चों के आंसू, उसकी मां का दुख और उसकी विधवा की खामोश पीड़ा आज पूरे सिस्टम पर सवाल उठा रही है. क्या गरीबों का खून इतना सस्ता है?
इससे पहले पीड़ित के परिवार और समुदाय के लोगों ने पीरू लाशरी स्टॉप पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया था. बदीन के SSP कमर रजा जिकानी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा. हालांकि, यह वादा पूरा न होने पर पूरे जिले में लोगों का गुस्सा बढ़ गया.

‘दी नेशन’ की खबर के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI), जिए सिंध महाज, कौमी अवामी तहरीक, जिए सिंध कौमी महाज (बशीर कुरैशी ग्रुप) और अवामी तहरीक समेत कई राजनीतिक, राष्ट्रवादी, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया.
प्रदर्शन करने वाले नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूरे जिले में प्रदर्शन और बढ़ाए जाएंगे. हालात बिगड़ते देख बदीन के डिप्टी कमिश्नर यासिर भट्टी को मोर्चा संभालना पड़ा. उन्होंने जिले के SSP के साथ मिलकर मृतक युवा किसान के पिता चेतन कोल्ही की लीडरशिप में प्रदर्शनकारियों के साथ तीन राउंड की बातचीत की. प्रदर्शनकारियों ने निजामानी को सलाखों के पीछे लाने के लिए पुलिस को एक हफ्ते की डेडलाइन दी.
इसके बाद प्रदर्शनकारी धरने वाली जगह से हट गए. इन लोगों ने टांडो मुहम्मद खान जिले से होकर हैदराबाद की ओर जाने वाली शहर की सड़क को भी ब्लॉक कर दिया था.
वीडियो: बांग्लादेश में दीपू दास की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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