शहर में पैदा हुआ. गांव से ज्यादा ताल्लुक नहीं रहा. 'पंचायत' नाम फिल्मों और खबरोंमें ही ज्यादा सुनाई पड़ा. ज्यादातर मौकों पर पंचायत की जो छवि मेरे दिमाग में बनी.कम ही ठीक बनी. आज फिर एक पंचायत की खबर आई. पंचायतों के लिए मेरी समझ थोड़ी औरपुख्ता हो गई. पर ये पंचायत हमारे यहां की नहीं, पाकिस्तान की है. वहां के पंजाब केबहावलनगर में पंचायत ने अजीबोगरीब फैसला सुनाया. एक मर्डर केस सुलझाने के लिए 9 सालकी बच्ची की शादी 14 साल के लड़के से करवाने का फैसला सुनाया. जबरन. उस बच्ची कागुनाह सिर्फ इतना, वो उस बंदे की बहन है. जिसने बीवी को बदचलन समझ उसकी हत्या कर दीथी. लियाकतपुर तहसील में गामु राम नामके बंदे ने 21 फरवरी को अपनी वाइफ बख्तो माईका कत्ल कर दिया था. क्योंकि गामु को शक था कि बख्तो के किसी के साथ नाजायत संबंधहैं. पुलिस ने गामु को अरेस्ट कर लिया. केस चल रहा है. कानून का जो काम था. वो उसनेकर लिया. अब यहां एंट्री होती है पंचायत वालों की. पंच बुलाए गए. फैसला हुआ कि गामुकी नौ साल की बहन का ब्याह बख्तो माई के चचेरे भाई से करवा दिया जाए. साथ ही बख्तोकी फैमिली वालों को गामु डेढ़ लाख रुपये भी दे. शादी की तारीख तय हुई शुक्रवार, 4मार्च. पंचों को लगा, बदला इससे पूरा होगा. यही इंसाफ होगा. यही सही रहेगा. बिनाकिसी कानून और इंसानियत की फिक्र किए बिना यही फैसला सुनाया गया. पुलिस ने कहा,'हमें इस बारे में शिकायत मिली है. हम जांच कर रहे हैं. अगर कोई दोषी पाया गया, तोउस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी'