पाकिस्तान के जिस शहर में सूफ़ी संत बुल्ले शाह की मजार है, वो शहर फ़िलहाल दंगे कीस्थिति को सामने देख रहा है. कसूर शहर वही शहर है जहां सिंगर और ऐक्ट्रेस नूरजहांपैदा हुईं. 4 जनवरी को यहां से एक 7 साल की लड़की अपने घर से मदरसे के लिए निकली मगरवापस नहीं आई. उसके मम्मी-पापा उमराह करने के लिए सऊदी अरब गए हुए थे. बच्ची अपनीमौसी के साथ रह रही थी. 5 तारीख को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई गई. पुलिस नेजब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो लड़की एक अनजान आदमी के साथ जाती दिखी. इस फुटेज कोसोशल मीडिया पर खूब फैलाया गया. 9 तारीख को वो लड़की कूड़े के ढेर में मरी मिली. उसकीलाश के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मालूम चला कि लड़की की रेप के बाद हत्या कर दी गईथी. ये खबर आने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वहां जगह जगह पुलिस-प्रशासन केख़िलाफ़ प्रदर्शन होने लगे. असल में कसूर शहर और उसके 2 किलोमीटर के दायरे में येपिछले दो साल में 12वीं ऐसी घटना है. शहर में दंगे जैसी स्थिति हो गई. पुलिस ने जबभीड़ पर काबू पाने के लिए गोलियां चलाई तो उसमें 2 लोग भी मर गए. लोगों का गुस्सा औरबढ़ गया. इसी मामले को लेकर पाकिस्तानी न्यूज़ एंकर किरन नाज़ अपने प्रोग्राम 7 से 8में बुलेटिन पढ़ने के लिए अपनी बच्ची को लेकर आईं. टीवी स्क्रीन पर किरन नाज़ को अपनीबेटी को अपनी गोद में बिठाये देखा जा सकता था. वो अपनी बच्ची को गोद में ही बिठाकरबोल रही थीं. उन्होंने अपने प्रोग्राम की शुरुआत की - "मैं हूं आपकी मेज़बान किरननाज़. लेकिन आज मैं किरन नाज़ नहीं हूं, मैं एक मां हूं. इसीलिए अपनी बच्ची के साथबैठी हूं. इस मुल्क में दर्जनों सानहे होते हैं. एक ही झटके में दर्जनों लोगों काशहीद हो जाना कोई गैर-मामूली बात नहीं है. कौन मारता है, क्यूं मारता है, इस सवालका जवाब भी कभी नहीं मिलता. मगर किसी ने ठीक ही कहा है, जनाज़ा जितना छोटा होता हैन, उतना ही भारी होता है. और ऐसा ही नन्हा सा जनाज़ा आज कुसूर की सडकों पर रखा है औरपूरा पाकिस्तान इसके बोझ तले दबा हुआ है. अजब कहानी है इस मज़लूम और लाचार बच्ची की.उधर मां-बाप अरब में बैठे ज़िन्दगी की दुआ कर रहे थे, इधर कुसूर में कोई दरिंदा उसीज़ैनब की ज़िन्दगी की डोर काट रहा था. उधर मां-बाप अपनी लाडली के लिए खिलौने खरीद रहेथे, तो ऐन उसी वक्त कोई वहशी उस गरीब की लाश कचरे में फेंक रहा था." इसके बाद वो उसअभी तक न पकड़े गए नीच को तमाम लानतें भेजती हैं. पाकिस्तानी पुलिस अभी तक इस घटनाके लिए ज़िम्मेदार शख्स को ढूंढ रही है. प्रदर्शन कर रहे लोग अपने लिए, अपने बच्चोंके लिए और भी ज़्यादा सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें इलाके मेंसीसीटीवी कैमरे चाहिए. वो चाहते हैं कि पुलिस और भी ज़्यादा चाक चौबस्त रहे. वोचाहते हैं कि पुलिस इसके ज़िम्मेदार आदमी को ज़िन्दा पकड़े और खानापूर्ति करने के लिएकिसी को यूं ही न पकड़ ले.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:क्या अब आम आदमी वीआईपी के लिए ट्रैफिक में खड़ा रहकर थप्पड़ भी खाएगा?सपना चौधरी बदल गई हैंक्या है वर्चुअल आईडी, जिसे अब आधार की जगह देना होगालालू यादव ने की सीबीआई जज को 'घूस' की पेशकश!