आतंकी को शहीद करार देने की मांग क्यों कर रहे हैं हजारों पाकिस्तानी?
इस्लामाबाद: संसद के बाहर प्रोटेस्ट. आर्मी ने संभाला मोर्चा.
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फोटो क्रेडिट: AP
कट्टरता किसी भी मुल्क में हो, जितनी जल्दी दूर हो जाए उतना बेहतर. आतंकवाद से हम भी परेशां हैं, पाकिस्तान भी. आए दिन बम धमाके होते रहते हैं. उस पार आतंकी मासूमों को भी अपना शिकार बना लेते हैं. लेकिन यहां हम बात करेंगे सिर्फ कट्टरता की. अजीब लगता है जब कानून की बात करने वाले समझदार लोग भी बेतुकी बात करने लगते हैं. हो कुछ यूं रहा है कि सरहद के उस पास पाकिस्तान में हजारों लोग एक आतंकी को शहीद करार देने की मांग कर रहे हैं. पार्लियामेंट के पास हजारों की भीड़ जुट गई है. प्रोटेस्ट करने वालों की दो डिमांड हैं:
पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर थे सलमान तासीर. नवाज शरीफ के 'स्कूलिया' फ्रेंड और सिमी ग्रेवाल के बॉयफ्रेंड सलमान तासीर खुले ख्यालों के थे. खुलकर बोलते थे. पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून को लेकर कुछ बोल बैठे. धर्म के ठेकेदारों को बुरा लगा. सलमान तासीर का बॉडीगार्ड मुमताज कादरी भी एक नंबर का कट्टर था. 4 जनवरी 2011 को सलमान तासीर को गोलियों से भून दिया. पकड़ा गया. पांच साल केस चला. इसी साल मार्च में मुमताज कादरी को फांसी पर लटका दिया गया.
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कट्टर लोगों की सुलग गई. कादरी के जनाजे में हजारों की भीड़ थी. कुछ फर्जी मौलाना टाइप लोग कादरी की लाश के साथ सेल्फी
ले रहे थे. कुछ दिन खूब प्रोटेस्ट हुआ, लेकिन धीरे धीरे बात दबने लगी, ऐसा सबको लगने लगा. लेकिन राजनीति अभी बाकी थी मेरी दोस्त...
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इस्लामाबाद में संसद का घेराव रविवार को करीब 10 हजार लोगों की भीड़ पाकिस्तानी संसद के पास जुट गई. खूब तोड़फोड़ मचाई. गाड़ियों को आग लगाई. दो राजनीतिक पार्टियां इस प्रोटेस्ट के पीछे हैं. सुन्नी तहरीक और तहरीक-ए-लब्बाइक या रसूल. दोनों इस्लामाबाद में संसद के बाहर धरने पर बैठ गई हैं. संसद के पास का इलाका यानी रेड जोन. कह रहे हैं सलमान कादरी के साथ गलत हुआ. मुमताज कादरी को जिस अदीला जेल में फांसी पर लटकाया गया, उसे नेशनल हैरिटेज साइट घोषित किया जाए. मुल्क में शरिया कानून लागू हो.
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इतने में ही डिमांड खत्म नहीं हुई. टोटल 10 मांग हैं. जो सुन्नी क्लर्क पर आतंकवाद और मर्डर की सजा काट रहे हैं, उनको बिना शर्त फौरन रिहा किया जाए. ईशनिंदा कानून में बिलकुल संशोधन न किया जाए. अकॉर्डिंग टू देम, खुदा की खुदाई मैटर्स. साथ ही सलमान तासीर ने जिन आसिया बीबी को डिफेंड करने की वजह ईशनिंदा के दोषी बताए गए थे, उन आसिया बीबी को फांसी की सजा देने की मांग है.
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रविवार को पाकिस्तानी सरकार ने इस्लामाबाद में आर्मी को लॉ एंड आर्डर संभालने की जिम्मेदारी दे दी है. कल तक 10 हजार लोगों की भीड़ थी, आज घटकर 2 हजार पर पहुंच गए हैं. न्यूज चैनलों को कवरेज को लेकर नोटिस भी जारी कर दिया गया है.
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ट्विटर पर #IslamabadUnderSeige ट्रेंड कर रहा है. कुछ लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान के नेशनल एक्शन प्लान का क्या हुआ. कुछ कह रहे हैं कि लाहौर हमले और इस प्रोटेस्ट के लिए इंडियन एजेंसी RAW जिम्मेदार है.
https://twitter.com/HaroonSymt/status/714372199440900096
https://twitter.com/Hunainhunni99/status/714369903353008128
पहली: पाकिस्तान में शरिया कानून लागू हो दूसरी: मुमताज कादरी को शहीद करार दिया जाए
कौन है मुमताज कादरी?पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर थे सलमान तासीर. नवाज शरीफ के 'स्कूलिया' फ्रेंड और सिमी ग्रेवाल के बॉयफ्रेंड सलमान तासीर खुले ख्यालों के थे. खुलकर बोलते थे. पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून को लेकर कुछ बोल बैठे. धर्म के ठेकेदारों को बुरा लगा. सलमान तासीर का बॉडीगार्ड मुमताज कादरी भी एक नंबर का कट्टर था. 4 जनवरी 2011 को सलमान तासीर को गोलियों से भून दिया. पकड़ा गया. पांच साल केस चला. इसी साल मार्च में मुमताज कादरी को फांसी पर लटका दिया गया.
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कट्टर लोगों की सुलग गई. कादरी के जनाजे में हजारों की भीड़ थी. कुछ फर्जी मौलाना टाइप लोग कादरी की लाश के साथ सेल्फी
ले रहे थे. कुछ दिन खूब प्रोटेस्ट हुआ, लेकिन धीरे धीरे बात दबने लगी, ऐसा सबको लगने लगा. लेकिन राजनीति अभी बाकी थी मेरी दोस्त...
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इस्लामाबाद में संसद का घेराव रविवार को करीब 10 हजार लोगों की भीड़ पाकिस्तानी संसद के पास जुट गई. खूब तोड़फोड़ मचाई. गाड़ियों को आग लगाई. दो राजनीतिक पार्टियां इस प्रोटेस्ट के पीछे हैं. सुन्नी तहरीक और तहरीक-ए-लब्बाइक या रसूल. दोनों इस्लामाबाद में संसद के बाहर धरने पर बैठ गई हैं. संसद के पास का इलाका यानी रेड जोन. कह रहे हैं सलमान कादरी के साथ गलत हुआ. मुमताज कादरी को जिस अदीला जेल में फांसी पर लटकाया गया, उसे नेशनल हैरिटेज साइट घोषित किया जाए. मुल्क में शरिया कानून लागू हो.
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इतने में ही डिमांड खत्म नहीं हुई. टोटल 10 मांग हैं. जो सुन्नी क्लर्क पर आतंकवाद और मर्डर की सजा काट रहे हैं, उनको बिना शर्त फौरन रिहा किया जाए. ईशनिंदा कानून में बिलकुल संशोधन न किया जाए. अकॉर्डिंग टू देम, खुदा की खुदाई मैटर्स. साथ ही सलमान तासीर ने जिन आसिया बीबी को डिफेंड करने की वजह ईशनिंदा के दोषी बताए गए थे, उन आसिया बीबी को फांसी की सजा देने की मांग है.
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रविवार को पाकिस्तानी सरकार ने इस्लामाबाद में आर्मी को लॉ एंड आर्डर संभालने की जिम्मेदारी दे दी है. कल तक 10 हजार लोगों की भीड़ थी, आज घटकर 2 हजार पर पहुंच गए हैं. न्यूज चैनलों को कवरेज को लेकर नोटिस भी जारी कर दिया गया है.
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ट्विटर पर #IslamabadUnderSeige ट्रेंड कर रहा है. कुछ लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान के नेशनल एक्शन प्लान का क्या हुआ. कुछ कह रहे हैं कि लाहौर हमले और इस प्रोटेस्ट के लिए इंडियन एजेंसी RAW जिम्मेदार है.
https://twitter.com/HaroonSymt/status/714372199440900096
https://twitter.com/Hunainhunni99/status/714369903353008128

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