लो जी नई खबर सुनो. वैसे खबर नहीं, इसे आरोप समझो. इंडिया पर सालों से लग रहापाकिस्तानी आरोप. अपनी इंडिया की खुफिया एजेंसी RAW है न. RAW पर मुत्ताहिदा कौमीमूवमेंट पार्टी (MQM) को फंड करने का आरोप है. MQM उर्दू बोलने वाले उन मुजाहिरोंकी पॉलिटिकल पार्टी है, जो बंटवारे के वक्त इंडिया से पाकिस्तान चले गए थे. दाऊदइब्राहिम की हवेली वाले शहर कराची में MQM का रौला टाइट रहता है. बस पाकिस्तानसरकार इसी बात से परेशान है. इसलिए RAW-MQM की सो कॉल्ड दोस्ती की ऑफिशियली जांचशुरू कर दी है. RAW पर आरोप है कि ये एजेंसी पाकिस्तान में उथल पुथल मचाने के लिएMQM को फंड देती है. पाकिस्तान के आतंरिक मामलों के मंत्री निसार खान ने FIA कोजांच का जिम्मा सौंप दिया है. और ये सब MQM लीडर सरफराज मर्चेंट के हाल ही में दिएएक टीवी इंटरव्यू के बाद हो रहा है. मर्चेंट ने कहा, 'मैंने इंडिया के MQM को फंडकरने के प्रूफ देखे हैं. इंडिया MQM को हथियार खरीदने के लिए रुपये भी मुहैया कराताहै.' MQM के जो मुखिया है, अल्ताफ हुसैन. ये बंदा लंदन में रहता है. कराची मेंअल्ताफ को मीडिया कवरेज भी नहीं मिलती. पूरी तरह से बैन लगा हुआ है. लेकिन इसकीकराची में चलती इतनी है कि एक आवाज पर सब इकट्ठा हो जाते हैं. अभी कुछ रोज पहले हुएइलेक्शन में MQM को अच्छी खासी सीट हासिल हुई थीं. मर्चेंट ने कहा, '2014 में लंदनमें अल्ताफ हुसैन के घर पर स्कॉटलैंड यार्ड के छापे के दौरान कई हथियारों की लिस्टमिली थी.' लेकिन पाकिस्तान के इस आरोप को इंडिया और MQM दोनों की हर बार सिरे सेनकारते आ रहे हैं. FIA मर्चेंट और MQM के लीडर्स से पूछताछ कर सकती है. क्यों MQMसे सुलगी रहती है पाकिस्तानी सरकार?