PoK में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में कई लोगों की मौत, ब्रिटिश संसद में क्या प्रस्ताव आया?
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव थमता नहीं नजर आ रहा है. पाकिस्तान कम्युनिकेशन ब्लैकआउट और लॉकडाउन जैसे हथकंडे अपना कर इन प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन विरोध थमने के बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींचने में सफल होता दिख रहा है.

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में तनाव बढ़ता जा रहा है. यहां सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और सिक्योरिटी फोर्सेज के बीच हुई झड़पों में कम से कम 11 लोगों के मारे जाने की खबर है. दर्जनों लोग घायल हुए हैं.
PoK से आ रहे वीडियोज में जगह-जगह हिंसा और विरोध प्रदर्शन के विजुअल दिख रहे हैं. इस्लामाबाद पूरी ताकत से प्रतिरोध में उठ रही आवाजों का दमन करने में जुटा है. दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी PoK के लोगों के समर्थन में मानवाधिकार की आवाजें उठने लगी हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बरनाला, भीमबर और मीरपुर में प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा होती दिखाई दे रही है. जबकि मुजफ्फराबाद में सिक्योरिटी फोर्सेज के जवान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागती दिख रहे हैं. कुछ और फुटेज आए हैं जिनमें आवामी एक्शन कमेटी के कार्यकर्ताओं और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के चलते शहर भर के बाजारों पर ताले लटकते दिख रहे हैं.
पाकिस्तान पर आवाज दबाने का आरोप
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहा प्रोटेस्ट भीमबर और कोटली समेत कई कस्बों में फैल चुका है. ये प्रोटेस्ट PoK में इस्लामाबाद की नीतियों के खिलाफ बढ़ते आक्रोश का नतीजा है. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा बलों पर असहमति की आवाज को दबाने का आरोप लगाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार ने इलाके में कम्युनिकेशन पर बैन लगा दिया है और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है.
ब्रिटेन की संसद में PoK के मुद्दे पर प्रस्ताव पेश
ब्रिटेन में ब्रैडफोर्ड ईस्ट के सांसद इमरान हुसैन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कम्युनिकेशन ब्लैकआउट और मानवाधिकारों के मुद्दे पर ब्रिटेन की संसद में एक अर्ली डे मोशन (EDM) पेश किया है. उन्होंने सांसदों से इसका समर्थन करने की अपील की है.
इससे पहले ब्रिटिश संसद के 50 से ज्यादा सदस्यों ने ब्रिटेन के गृह और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को पत्र लिखकर PoK में लॉकडाउन, गिरफ्तारियों और कम्युनिकेशन ब्लैकआउट की खबरों पर चिंता जताई थी. इमरान हुसैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि विदेश मंत्रालय को भेजे गए पत्र को 50 से ज्यादा सांसदों का समर्थन मिलने के बाद उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर PoK की स्थिति को लेकर यह प्रस्ताव संसद में पेश किया है.
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