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तालिबान और पाकिस्तान में कभी बहुत 'प्रेम' था, फिर अब इतनी भीषण जंग क्यों होने लगी?

Taliban-Pakistan Conflict Explained: तालिबान और पाकिस्तान जंग के हालात तक कैसे पहुंचे, दोनों के बीच विवाद क्या है और इन सब के बीच पाकिस्तान भारत का नाम क्यों ले रहा है? जानिए सभी सवालों के जवाब.

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Pakistan and Afghanistan Taliban conflict and history india role explained
पाकिस्तान ने तालिबान पर किए हवाई हमले. (Photo: X)
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सचिन कुमार पांडे
27 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 27 फ़रवरी 2026, 02:28 PM IST)
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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ खुली जंग का ऐलान कर दिया है. उसने 26-27 फरवरी की दरम्यानी रात को अफगनिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई शहरों में हवाई हमले किए और तबाही मचाई. इससे पहले 26 फरवरी को देर रात अफगानिस्तान के तालिबान शासन ने पाकिस्तान पर भारी हमले का दावा किया. कहा कि उसने पाकिस्तान की कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है और कई सैनिकों को भी मार गिराया है. तालिबान ने इसे पाकिस्तान द्वारा पिछले हफ्ते किए गए हमले का बदला बताया था.

लेकिन सवाल है कि दोनों देश जंग के हालात यहां तक आखिर पहुंचे कैसे? दोनों के बीच विवाद क्या है और इन सबके बीच पाकिस्तान भारत का नाम क्यों ले रहा है. एक-एक करके सभी के जवाब जानते हैं. पहले बात करते हैं अभी ताजा जंग के हालात कैसे बने. बता दें इसकी वजह है पाकिस्तान की पिछले हफ्ते अफगानिस्तान पर की गई स्ट्राइक. 

पाकिस्तान ने किया था हमला

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक पाकिस्तान ने 21 फरवरी को अफगानिस्तान के कई ठिकानों पर हमले किए थे. पाकिस्तान का दावा था कि उसने आतंकियों के कैंप और उनके छिपने के ठिकानों को निशाना बनाया है. पाकिस्तान ने कहा था कि उसके पास इस बात के पक्के सबूत हैं कि उसकी जमीन पर हुए आतंकी हमले अफगानिस्तान में बैठे आकाओं के निर्देश पर हो रहे हैं.

हमले को लेकर पाकिस्तानी डिफेंस सोर्सेज का कहना था कि कम से कम 70 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र का कहना था कि हमलों में 13 आम नागरिकों की जान गई है. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के इस हमले की निंदा की थी और इसे उसकी संप्रुभता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया था. साथ ही चेतावनी दी थी कि समय आने पर पर इसका ठीक से जवाब दिया जाएगा.

भारत ने की थी निंदा

भारत ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की थी और इसे पाकिस्तान की अंदरूनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश बताया था. साथ ही भारत ने अफगानिस्तान की सॉवरेनिटी, टेरिटोरियल इंटेग्रिटी और आजादी का समर्थन किया था.

अब, इस हमले के लगभग एक हफ्ते बाद, गुरुवार 26 फरवरी की रात अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की सीमा से सटे कई इलाकों पर हमला बोल दिया. कई चौकियों पर कब्जा करने और कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने का भी दावा किया. अफगानिस्तान के इस हमले को पाकिस्तान की पिछले हफ्ते की गई स्ट्राइक का जवाब माना गया.

खुली जंग का ऐलान

पाकिस्तान भी चुप नहीं बैठा. तुरंत जवाब दिया. आधी रात को अफगानिस्तान दहला दिया. राजधानी काबुल समेत कंधार और पकतिया पर हवाई हमले दागे. जवाब में सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तानी एयरफोर्स का F-16 फाइटर जेट मार गिराया है. खैर इस दावे की पुष्टि नहीं हुई.

बहरहाल, सुबह होते-होते पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया. साथ ही आदत से मजबूर इस लड़ाई में भारत का नाम भी घसीट लिया. ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया कि तालिबान भारत के लिए प्रॉक्सी के तौर पर काम कर रहा है और उसी के इशारे पर पाकिस्तान पर हमले कर रहा है.

फिलहाल हालात देखकर तो यही लग रहा है कि भारत के दो पड़ोसी मुल्कों की ये जंग लंबी चलने वाली है. दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले तेज कर सकते हैं. इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी दोनों के बीच भीषण जंग हुई थी और कई दिनों तक चली थी. इस लड़ाई में दोनों तरफ काफी नुकसान भी हुआ था. बाद में तुर्की और कतर की मध्यस्थता से सीजफायर कराया गया. हालांकि सीजफायर नाजुक बना रहा और लगातार बॉर्डर पर तनाव बना रहा और हमले की घटनाएं भी होती रहीं.

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क्या है मूल विवाद?

ऐसे में अब जानते हैं कि आखिर दोनों देशों के बीच विवाद की असली वजह क्या है. यूं तो जब 2021 में तालिबान की अफगानिस्तान की सत्ता में वापसी हुई थी तो पाकिस्तान ने इस पर खुशी जताई थी. तब के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने तो यहां तक कहा था कि अफ़गानों ने "गुलामी की बेड़ियां तोड़ दी हैं". लेकिन जल्द ही पाकिस्तान की खुशियों को झटका लग गया. उसे पता चल गया कि तालिबान उसका उस तरह से सहयोग नहीं करेगा, जैसी उसे उम्मीद थी.

उसी दरमियान पाकिस्तान पर होने वाले आतंकी हमले भी बढ़े. रॉयटर्स ने आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा नाम के ऑर्गनाइजेशन के हवाले से बताया कि पाकिस्तान में 2022 से हर साल मिलिटेंसी बढ़ी है. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जिसे TTP कहा जाता है और बलूच विद्रोहियों के हमलों में तेजी आई है. पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि TTP के लीडर्स और कई लड़ाके अफगानिस्तान में पनाह लिए हुए हैं. साथ ही ये भी दावा किया कि बलूच विद्रोही भी अफगानिस्तान को एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. हालांकि तालिबान बार-बार इन आरोपों से इनकार करता आया है औऱ यही कहा है कि पाकिस्तान में हुए हमलों में उसका कोई रोल नहीं है. फिलहाल देखना होगा कि ये लड़ाई कहां जाकर रुकती है.

वीडियो: इजरायल से प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को क्या चेतावनी दे दी?

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