The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • pakistan 15 year old boy in Lahore cut off his hand believing he had committed blasphemy imam arrested

'या खुदा तू भी रो ले, तेरे 'बंदों' ने बच्चे का हाथ कटवा दिया'

पाकिस्तान: बच्चा मस्जिद से घर जाकर अपना हाथ काटकर थाली में सजा देता है. अम्मी, अब्बा, इमाम सब खुश हो गए.

Advertisement
pic
18 जनवरी 2016 (अपडेटेड: 18 जनवरी 2016, 10:13 AM IST)
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
क्या यहां कोई ऐसा है, जिसने पैगंबर मोहम्मद से मुहब्बत करनी बंद कर दी? 15 साल का अनवर सवाल गलत सुनता है और हाथ खड़ा कर देता है. मस्जिद का इमाम उसी बच्चे अनवर को बुलाकर सब के सामने खूब लताड़ता है. खुदा की तौहीन का आरोप मढ़ता है. अनवर घर जाता है और मस्जिद में उठाया हाथ काटकर थाली में सजा कर इमाम को पेश कर देता है.
अनवर की मासूमियत और 'अपने बंदों' की हैवानियत देख अल्लाह भी जरूर सिसका होगा. पाकिस्तान के लाहौर में शुक्रवार का ये वाकया है. इमाम शब्बीर अहमद धार्मिक स्पीच दे रहे थे. भीड़ में अनवर भी था. इमाम का सवाल सुन नहीं पाया. और बस हाथ खड़ा कर दिया. सबने कहा- ये तो ईशनिंदा है. नीच है ये लड़का. धर्म के ठेकेदार चढ़ गए. बच्चा सहम गया. लगा दुनिया ऐसी ही है. बात जब खुदा की हो तो समझदार होना पड़ेगा. गलती करना गुनाह है, खुदा के लिए नहीं. खुदा के ठेकेदारों के लिए. क्या सोचा, क्या समझा. पर अपना हाथ काट दिया. अनवर के कटे हाथ को देख सब खुश हुए. अनवर के अम्मी-अब्बा. पड़ोसी. अनवर को जलील करने वाला जलील इमाम. सब सड़क पर खड़े हुए बोले- अनवर हमें तुम पर फख्र है. हम खुश हैं. तुमने अल्लाह के लिए अपना हाथ काट दिया. अनवर एक हाथ से नासमझ भीड़ में खड़ा सब सुन रहा होगा. हाथ की कुर्बानी देकर वो लोगों के खुद पर फख्र करने की वजह से खुश है या दुखी. ये अब तक किसी ने नहीं बताया. शायद खुदा के बंदों को इसकी जरूरत नहीं महसूस हुई होगी. या उन्हें सच पता है. कटे हाथ, बची जांच पुलिस ने इमाम को गिरफ्तार कर लिया है. घटना लाहौर से 125 किलोमीटर दूर की है. वहीं एक जिला है हुजरा शाह मुकीम. लोकल पुलिस चीफ नौशेर अहमद ने कहा, 'बच्चे ने शायद सवाल गलत सुन लिया था. लेकिन सबको लगा कि बच्चा ईशनिंदा कर रहा है. बच्चे ने जब हाथ काटे तो उसे अम्मी अब्बा को भी अफसोस नहीं हुआ. सड़कों पर उसकी तारीफें हो रही हैं. मिसालें दी जा रही हैं'.
सही गलत से किसी को करना भी क्या. खुदा भी चुप हैं. शायद वो भी डरते हैं अपने ही बंदों से: लल्लन

Advertisement

Advertisement

()